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पंजाब में दशहरे के बाद क्यों जल रहा 'रावण', ये है वजह...

फोटो: पंजाब कांग्रेस कमेटी
फोटो: पंजाब कांग्रेस कमेटी

पूरे देश में रावण के पुतले जला दिए गए, लेकिन पंजाब में अब फिर से रावण दहन हो रहा है। यह रावण सियासी है।

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नई दिल्‍ली। दशहरा बीत गया। पूरे देश में रावण के पुतले जला दिए गए, लेकिन पंजाब में अब फिर से रावण दहन हो रहा है। यह रावण सियासी है। इसलिए यहां चुनावी हथियार बन गया है। लंबे समय से सत्‍ता में बैठे अकालियों के खिलाफ चिट्टा रावण (नशीले पदार्थ के पुतले) जलाकर कांग्रेस वहां पर अपनी सियासी जमीन मजबूत कर रही है। ‘उड़ता पंजाब’ को उसने सत्ताधारियों के खिलाफ हथियार बना दिया है।

पंजाब की खुशहाल जिंदगी में अब नशा जहर बन गया है। युवा अफीम, कोकीन और हीरोइन जैसे नशे के शिकार हो रहे हैं। जल्‍दी अमीर बनने की चाहत में नशे के सौदागरों ने इस प्रांत को इतना बदनाम कर दिया कि अब चुनाव में यह मुद्दा बन चुका है। चूंकि अकाली यहां लंबे समय से राज कर रहे हैं इसलिए उन पर ही नशे को बढ़ावा देने के सबसे ज्‍यादा आरोप लग रहे हैं।

जबकि पंजाब में लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे एसके व्‍यास कहते हैं कि पंजाब को नशे के दलदल में धकेलने में कांग्रेस के लोग भी पीछे नहीं रहे हैं। जिसको मौका मिला उसने इससे लाभ कमाया भले ही पंजाब बर्बाद होता गया। अब यह मसला उठाने पर वोट मिलने की खूब संभावना है।



कांग्रेस ने अब अकालियों के खिलाफ सभी 117 विधानसभाओं चिट्टा रावण जलाने का एलान कर दिया है। पूर्व मुख्‍यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पंजाब के अलग-अलग जिलों में हुए नशे के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कहा कि पंजाब से चिट्टे का सफाया करके ही दम लूंगा। नशे का मुद्दा आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी प्रमुखता से उठा रहे हैं।
नशे की समस्‍या वर्ल्‍डवाइड है। कोई भी देश और राज्‍य इससे बचा नहीं है। सभी पार्टियों, सामाजिक संगठनों को मिलकर इस समस्‍या से निजात पाने के प्रयास करने होंगे। लेकिन अब कांग्रेस इस मामले में सिर्फ ब्‍लेम गेम कर रही है। वह समाधान नहीं चाहती। वह सिर्फ छींटाकशी कर रही है। यह उसका वोट लेने के लिए पब्‍लिसिटी स्‍टंट भर है और कुछ नहीं।

-मनोरंजन कालिया, भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री पंजाब सरकार
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