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राज की उद्धव को चुनौती, कहा- मेयर बंगले में नहीं बनने दूंगा ठाकरे स्मारक

महाराष्ट्र का सियासी पारा ठाकरे बंधुओं में छिड़ी जंग से गरमा गया है। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने एक अर्से बाद अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को सीधे चुनौती दी है।

महाराष्ट्र का सियासी पारा ठाकरे बंधुओं में छिड़ी जंग से गरमा गया है। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने एक अर्से बाद अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को सीधे चुनौती दी है।

महाराष्ट्र का सियासी पारा ठाकरे बंधुओं में छिड़ी जंग से गरमा गया है। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने एक अर्से बाद अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को सीधे चुनौती दी है।

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    नई दिल्ली। महाराष्ट्र का सियासी पारा ठाकरे बंधुओं में छिड़ी जंग से गरमा गया है। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने एक अर्से बाद अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को सीधे चुनौती दी है। राज ने ऐलान किया है कि वो किसी भी हाल में उद्धव के पिता बाल ठाकरे का स्मारक मेयर बंगले में बनने नही देंगे। राज ठाकरे ने आरोप लगाया है कि उद्धव ठाकरे स्मारक के बहाने मेयर बंगले की जमीन को हड़पना चाहते हैं। राज जल्द इस सिलसिले में मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात कर बाल ठाकरे के स्मारक को कहीं और बनाने की अपील भी करेगें।

    उद्धव पर सत्ता के दुरउपयोग का आरोप लगाने वाले राज ठाकरे स्मारक के बहाने शिवसेना के मराठी वोटबैंक में सेंध लगाना चाहते है। दरअसल, मराठी अस्मिता के मुद्दे पर एमएनएस को वोट करने वाले मराठी वोटर्स पिछले साल शिवसेना बीजेपी के अलग होने के बाद शिवसेना के पाले में चले गए थे और इसकी वजह से एमएनएस को विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। राज ठाकरे अपने उसी वोटबैंक को फिर से पाना चाहते है ताकि आगामी बीएमसी चुनाव में उन्हे फ़ायदा हो सके।

    राज ठाकरे ने कल कहा था कि स्मारक मेयर बंगले में नहीं बनना चाहिए। कल को ये मुख्यमंत्री निवास फिर राजपाल भवन मांग ले। सत्ता है तो क्या उद्धव कुछ भी करेंगे।

    गौरतलब है कि बाल ठाकरे का स्मारक मेयर बंगले में ही बने ये उद्धव ठाकरे की ही जिद थी और उद्धव की इसी ज़िद के आगे घुटने टेकते हुए मुख्यमंत्री ने यहां स्मारक बनाने की इजाजत दी। मेयर बंगले में बनने वाले बाल ठाकरे के स्मारक का विरोध कर राज ठाकरे ने उद्धव के जज़्बातों को ठेस पहुंचाई है।

    उद्धव आहात बहुत है लेकिन वो अपने चचेरे भाई राज के इस सियासी चाल से बखूबी वाकिफ है और इसलिए खुद इस मुद्दे पर कुछ भी बयानबाज़ी करने से बच रहे हैं। लेकिन पार्टी के वरीष्ठ नेताओ ने राज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज के बयान को शिवसेना सस्ती पब्लिसिटी बता रही है।

    शिवसेना के विधायक सुनिल शिंदे ने कहा कि इन लोगों को पता है कि बाल ठाकरे का नाम लेकर कोई भी मीडिया में आ जाता है। इन्हें शर्म आनी चाहिए कि जिस बाला साहेब ने उन्हें बड़ा किया उनके बारे में ये ऐसा बयान दे रहे हैं।

    ठाकरे बंधुओं में छिड़ी इस जंग में विरोधी पार्टियां राज का साथ दे रही हैं। राज ठाकरे के सुर में सुर मिलाते हुए कांग्रेस ने भी कहा है कि सत्ताधारी पार्टी मेयर की जगह हड़पना चाहती है।

    मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि मेयर बंगला हेरिटेज बंगला है और ये मुंबई की शान है। इसलिए यहां स्मारक नहीं बनना चाहिए। शिवसेना को स्मारक बनाना है तो मातोश्री में बनाएं।

    विपक्ष अगर राज के साथ खड़ा है तो बीजेपी भी उद्धव के पिछे ढाल बनकर खड़ी हो गई है। बीजेपी ने राज के सत्ता के दुर्पयोग के सभी आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया है। महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने कहा कि कोई सत्ता का दुर्पयोग नहीं हुआ है, हमने नियम के तहत ही जमीन दी है।

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