नक्सल मामला: राजनाथ सिंह की बैठक पर नितीश कुमार ने खड़े किए सवाल

नक्सल मामला: राजनाथ सिंह की बैठक पर नितीश कुमार ने खड़े किए सवाल
Photo: PTI

छत्तीसगढ़ के सुकमा में कुछ दिन पहले 25 जवानों की शहादत के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और नक्सली हिंसा प्रभावित दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को बैठक की.

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छत्तीसगढ़ के सुकमा में कुछ दिन पहले 25 जवानों की शहादत के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और नक्सली हिंसा प्रभावित दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को बैठक की. बैठक में राजनाथ ने नक्सल समस्या से निपटने के लिए आठ सूत्रीय समाधान सुझाते हुए नक्सल प्रभावित राज्य सरकारों से इसे लक्ष्य की एकता के रूप में स्वीकार कर लागू करने का अनुरोध किया है.

सिंह ने नक्सल प्रभावित दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि समाधान सिद्धांत के तहत कुशल नेतृत्व, आक्रामक रणनीति, प्रोत्साहन और प्रशिक्षण,  कार्ययोजना के मानक और नक्सलियों के वित्तपोषण को विफल करने की रणनीति को शामिल करने की जरूरत बताई.

सिंह ने पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए नक्सल विरोधी अभियानों को लागू करने में हर कदम पर आक्रामक कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या से निपटने की नीति से रणनीति और सुरक्षा बलों की तैनाती, सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों को पूरा करने तक आक्रामक होने की जरूरत है.



बैठक में पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हिस्सा लेने के लिए नहीं पहुंच सके. जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए.
सिंह ने नक्सल प्रभावित सभी राज्य सरकारों से नक्सली हिंसा के खत्मे को साझा लक्ष्य मानते हुए कार्ययोजना को लागू करने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा कि बंदूक की नौंक पर विकास को रोकने और लोकतंत्र का गला घोंटने के प्रयासों को विफल करने के लिए एकीकृत कमान का गठन कर साझा रणनीति को अपनाना होगा.

छत्तीसगढ़ में नक्सलरोधी अभियान में अर्धसैनिक बल के 25 जवानों के शहीद होने के दो हफ्ते बाद आयोजित इस सम्मेलन में गृहमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि बंदूक की नौंक पर विकास बाधित करने और लोकतंत्र का गला घोंटने के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे.

बैठक पर नितीश ने जताया विरोध

बिहार मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने नक्सल समस्या से निपटने के लिये बुलाई गई बैठक में केंद्र सरकार पर इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए हैं. नीतीश ने नक्सल समस्या पर बुलाई बैठक के औचित्य पर ही सवाल खड़े किए है. नीतीश कुमार ने कहा एक ओर प्रशिक्षण और क्षमता संवर्द्वन पर ज़ोर दिया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार प्रशिक्षण केंद्रों को वित्तीय सहायता बंद कर चुकी है.ऐसे विरोधाभास से समस्या का समाधान नहीं हो सकेगा. अगर सभी कार्य राज्य को ही करने हैं और अपने ही संसाधन लगाने हैं तो इस बैठक का क्या मतलब है?

नितीश ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के लिए वामपंथी हिंसावादियों के खिलाफ यह लड़ाई राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त लड़ाई है, लेकिन इन बलों की प्रतिनियुक्ति पर होने वाले खर्च को उठाने का पूरा ज़िम्मा राज्य सरकार को दिया जाता है. इस खर्च का वहन केंद्र और राज्य संयुक्त रूप से करें. वामपंथी उग्रवाद पर प्रभावी कार्रवाई करने का कार्य राज्यों पर डालकर केंद्र मात्र समीक्षात्मक भूमिका नहीं निभा सकता हैं.केवल राज्यों से बातचीत नहीं, केंद्र को भी सार्थक पहल करनी होगी.

नितीश ने कहा कि हर राज्य में हेलीकॉप्टर की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाए. बिहार लंबे समय से गृह मंत्रालय से हेलिकॉप्टर तैनाती के लिए अनुरोध करता रहा है, लेकिन हमसे झारखंड में तैनात हेलिकॉप्टर से ही आवश्यकता आधारित सहयोग लेने को कहा जाता रहा है.
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