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‘समाजवादी’ कुनबे की कलेश : सपा को खत्म कर देंगे ये तीन पत्र!

‘समाजवादी’ कुनबे की कलेश : सपा को खत्म कर देंगे ये तीन पत्र!

फाइल फोटो

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उत्तर प्रदेश के ‘समाजवादी’ कुनबे में फिर छिड़े दंगल और वर्चस्व की लड़ाई इस कद्र अपने चरम पर पहुंच गई है कि राज्य में बड़ा संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है. पिछले दो महीने से जारी चाचा-भतीजे की जोर आजमाईश की इस लड़ाई में रेफरी की भूमिका में दिख रहे मुलायम ने बेटे अखिलेश को ही 'आउट' करार दे दिया.

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  • Pradesh18
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उत्तर प्रदेश के ‘समाजवादी’ कुनबे में फिर छिड़े दंगल और वर्चस्व की लड़ाई इस कद्र अपने चरम पर पहुंच गई है कि राज्य में बड़ा संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है. पिछले दो महीने से जारी चाचा-भतीजे की जोर आजमाईश की इस लड़ाई में रेफरी की भूमिका में दिख रहे मुलायम ने बेटे अखिलेश को ही 'आउट' करार दे दिया. सपा कुनबे की ये लड़ाई अब चिट्ठियों के जरिए खुलकर सभी के सामने आ गई है.

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी (सपा) में चल रही अंतर्कलह ने शुक्रवार को उस समय एक नया मोड़ ले लिया जब सपा सुप्रीमो ने अखिलेश यादव और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव को छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया. दोनों को पार्टी से निकालने के पीछे मुलायम ने अनुशासनहीनता को बड़ी वजह बताया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश और रामगोपाल यादव ने अनुशासनहीनता की है, इसलिए दोनों को पार्टी से निकाला गया है.

उन्होंने कहा कि रामगोपाल अखिलेश का भविष्य खत्म कर रहे हैं और अखिलेश उनकी चाल समझ नहीं पा रहे. उन्होंने जानबूझकर ऐसी स्थिति पैदा की. उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पर भी हमला किया.

मुलायम ने आगे कहा कि रामगोपाल की तरफ से बुलाया गया पार्टी सम्मेलन असंवैधानिक है. सम्मेलन बुलाने के लिए एक दिन नहीं, कम से कम 15 दिन चाहिए. रामगोपाल को और कड़ी सजा दी जाएगी. सपा मुखिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं से रामगोपाल द्वारा बुलाई गई पार्टी की आपात सम्मेलन में शामिल न होने की अपील भी की.

इन पत्रों ने बिगाड़े उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात 


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इससे पहले आज दिन में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री एवं अपने बेटे अखिलेश के यादव और भाई रामगोपाल यादव को अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया था. मुलायम ने आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की बगावत और रामगोपाल द्वारा उनका समर्थन करने पर अनुशासनहीनता के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

इसके नोटिस के जवाब में पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने भी एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए मुलायम सिंह के नोटिस का जवाब दिया है. इसके साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का बैठक भी बुलाई है.

बेटे और भाई के बीच फंसे मुलायम अब असमंजस की स्थिति में हैं. माना जा रहा है कि अब उनके सामने अपनी राजनीतिक विरासत संभालने के लिए बेटे और भाई में से किसी एक को चुनने की नौबत आ गई है.

गौरतलब है कि मुलायम सिंह ने विधानसभा 2017 के लिए पहले 325 की सूची जारी की थी. इस सूची में अखिलेश के करीबियों का टिकट काट दिया गया था. इसके बाद अखिलेश ने भी बगावती सुर अपनाते हुए गुरुवार की देर रात 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार की ही देर रात शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी.

Tags: Mulayam Singh Yadav, Ram Gopal Yadav, Samajwadi party, Shivpal singh yadav

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