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देवी दुर्गा पर स्मृति के बयान से विपक्ष उखड़ा, माफी पर अड़ा

देवी दुर्गा पर स्मृति के बयान से विपक्ष उखड़ा, माफी पर अड़ा

कांग्रेस का कहना है कि वो शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री से इस मुद्दे पर माफी की मांग करेगी और अगर वो माफी नहीं मांगतीं तो कल सदन नहीं चलने देंगे।

    नई दिल्ली। रोहित वेमुला की खुदकुशी और जेएनयू में देशविरोधी नारों को लेकर राज्यसभा में बहस के दौरान आज उस समय विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया जब चर्चा का जवाब देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने महिषासुर दिवस के बहाने देवी दुर्गा के अपमान का मुद्दा उठाया। विपक्ष का कहना था कि यदि स्मृति को देवी दुर्गा के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर पढ़ने दिए गए तो ये गलत परंपरा होगी और कल को कोई भी व्यक्ति देवी देवताओं, पैगंबर या वर्जिन मैरी के बारे में किसी के इसी तरह के किसी उलटे-सीधे बयान को संसद में दोहराना शुरू कर देगा। हंगामा इतना बढ़ा कि स्मृति का जवाब पूरा होने से पहले ही उपसभापति ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी।

    गौरतलब है कि बुधवार को स्मृति ईरानी ने लोकसभा में भी ये मुद्दा अपने जवाब में शामिल किया था। तब विपक्ष में किसी ने इसका विरोध नहीं किया और इसे सत्ता पक्ष की ओर से वामदलों पर कड़े प्रहार के रूप में देखा गया। आज स्मृति राज्यसभा में भी लगभग वही बयान दोहरा रही थीं कि सदन के भीतर कांग्रेस ने आपत्ति जताई और कहा कि देवी-देवताओं के लिए अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। सदन की कार्यवाही में सबकुछ रिकॉर्ड में रहता है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने उपसभापति से कहा कि अगर आज मंत्री को इस तरह के भाषण की अनुमति दी जाती है तो इससे गलत परंपरा शुरू हो जाएगी और कल को इस तरह का सिलसिला भी शुरू हो सकता है। कांग्रेस का कहना है कि वो शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री से इस मुद्दे पर माफी की मांग करेगी और अगर वो माफी नहीं मांगतीं तो कल सदन नहीं चलने देंगे।

    विपक्ष के व्यवहार से केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू नाखुश दिखे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्टों का व्यवहार शुरुआत से ही ऐसा रहा है। वो अपना कुछ भी बोलते हैं पर मंत्री जब जवाब देता है तो उसको बोलने नहीं देते और मंत्री को जवाब नहीं देने देते। ये आज भी हुआ है। एक भी बिल पास नहीं हुआ है और केवल बिना मतलब की बहस हुई है।

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि मंत्री जी ने जो कुछ कहा है इससे ये स्पष्ट हो जाता है कि सरकार धर्म की आड़ में मामले भटका रही है। जेएनयू और रोहित का जो मामला है उसमें सही जवाब देने के बजाय वो मामले भटकाते रहे और बातचीत को धर्म को बांटने वाले मुद्दे की ओर मोड़ लिया। जेडीयू नेता के सी त्यागी ने कहा कि संसद में किसी भी देवी-देवता, पैगंबर के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करता। ये संसद की मर्यादा के खिलाफ है। स्मृति ईरानी ने इन भावनाओं और मर्यादाओं को अपमानित किया है।

    कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा कि मंत्री जी ने जिस प्रकार से बयान दिया वो गलत है। हम सुनकर ही असहज हुए थे तो हमने कहा कि ये बंद करो। सीपीएम नेता प्रकाश करात ने कहा कि सत्ता पक्ष की ओर से ये जानबूझकर उठाया गया कदम है ताकि संसद को भटकाया जाए और असल मुद्दे पर से ध्यान भटकाया जाए। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि मां दुर्गा के बारे में संसद के अंदर जिस प्रकार की बातें की गई हैं वो संसद की भावना के खिलाफ हैं। ये देश में लोगों की भावनाएं भड़काना चाहते हैं। ये हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही हैं। ये बेहद ही निंदनीय है। हम मंत्री के बयान पर माफी की मांग करते हैं।

    उधर स्मृति ईरानी के समर्थन में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और धर्मेंद्र प्रधान और जेपी नड्डा भी खड़े हुए। इन नेताओं का कहना था कि स्मृति तो वाम दलों की राजनीति उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखा रही हैं जो जेएनयू में महिषासुर दिवस मनाते हैं और बंगाल में मां दुर्गा के नाम पर वोट मांगते हैं। बीजेपी नेता और बंगाल से सांसद बाबुल सुप्रियो ने कहा कि विपक्ष दो-तीन दिन से इल्जाम लगा रहा था तो उसे जवाब भी सुनना चाहिए था। विपक्ष को संयम दिखाना चाहिए था।

    Tags: Congress, Rajya sabha, Smriti Irani

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