राष्ट्रपति के अंगरक्षक की भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट

राष्ट्रपति के अंगरक्षक की भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की.

भाषा
Updated: January 9, 2018, 7:50 AM IST
राष्ट्रपति के अंगरक्षक की भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट
राष्ट्रपति के अंगरक्षक की भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की.
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Updated: January 9, 2018, 7:50 AM IST
सुप्रीम कोर्ट ने  उस याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया जिसमें राष्ट्रपति के अंगरक्षक की भर्ती प्रक्रिया को इस आधार पर चुनौती दी गयी थी कि इन पदों के लिए सिर्फ तीन जातियों के उम्मीदवार ही योग्य हैं.

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि हम इस प्रकार की जनहित याचिकाओं पर विचार नहीं करते.

पीठ ने कहा कि राष्ट्रपति गणतंत्र के प्रमुख हैं और उनके खिलाफ कैसे किसी जनहित याचिका पर विचार किया जा सकता है.  दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता ईश्वर सिंह की इस संबंध में एक याचिका को खारिज कर दिया था. उस आदेश को चुनौती देने के लिए उन्होंने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था.

उन्होंने राष्ट्रपति के अंगरक्षक की भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि सिर्फ तीन जातियां जाट, सिख और राजपूत ही इन पदों के लिए योग्य क्‍यों होते हैं.

याचिका में दावा किया गया था कि देश के अन्य नागरिकों के इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने पर रोक है. इसलिए यह भर्ती अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 15 के तहत दिए गए समानता के सिद्धांत के खिलाफ है.

 
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