शिवपाल के भाषण के बीच नारेबाजी करने वाले दस कार्यकर्ता पार्टी से बाहर

प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने दस कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया। ये वो लोग थे जो शिवपाल यादव के भाषण के बीच उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

News18India.com
Updated: October 24, 2016, 6:39 PM IST
शिवपाल के भाषण के बीच नारेबाजी करने वाले दस कार्यकर्ता पार्टी से बाहर
फाइल फोटो Getty Images से
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Updated: October 24, 2016, 6:39 PM IST
लखनऊ। मुलायम सिंह की ओर से बड़ी बैठक बुलाए जाने के बाद भी समाजवादी पार्टी में छिड़ा घमासान थमता नहीं दिख रहा है। कुनबे को एक रखने की मुलायम सिंह की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। हंगामे के साथ शुरू हुई पार्टी हंगामे के साथ ही खत्म हुई। अखिलेश ने भावुक होते हुए अपनी दलील दी तो शिवपाल और मुलायम ने अखिलेश को जमकर सुनाया। लेकिन आखिर में मुलायम ने साफ कर दिया कि अखिलेश को हटाया नहीं जाएगा।

लखनऊ में पार्टी दफ्तर में पार्टी सांसदों-विधायकों-पूर्व सांसदों की बैठक से पहले ही दफ्तर के बाहर हंगामा मचा रहा। अखिलेश-शिवपाल समर्थकों में मारपीट तक हो गई। सभी नेताओं के पहुंचने के बाद करीब 10.30 बजे बैठक शुरू हुई। बैठक में सबसे पहले अखिलेश ने अपना भाषण दिया और इस दौरान वह भावुक हो गए, उनका गला रुंधा हुआ था। इसके बाद शिवपाल भाषण देने मंच पर आए और अखिलेश को निशाने पर लिया। फिर मुलायम सिंह ने मंच संभाला और शिवपाल का बचाव करते हुए अखिलेश को जमकर सुनाया।  क्या-क्या हुआ जानिए अपडेट-

शाम को मुलायम सिंह के आवास पर होने वाली बैठक अब नहीं हो रही है।

प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने दस कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया। ये वो लोग थे जो शिवपाल यादव के भाषण के बीच उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

# सूत्रों के मुताबिक, घर पर हुई बैठक में अखिलेश ने पिता मुलायम से पूछा क्या ये ठीक हुआ? मैंने तो आपके, चाचा के पांव सार्वजनिक तौर पर छुए थे। मुलायम ने कहा कि शिवपाल और अमर सिंह को नहीं छोड़ सकता, इसके अलावा कोई बात करनी है तो बताओ। मुलायम ने अखिलेश से कहा, परिवार को परिवार समझो। शिवपाल से भी मुलायम ने कहा कि एक साथ रहो, खून पसीने से पार्टी खड़ी की है। मुलायम ने कहा कि पार्टी हाथ से निकली तो सब खत्म हो जाएगा। सबकी बात पर यकीन मत करो, जो मतभेद हैं बंद कमरे में सुलझाओ।

# मुलायम ने शाम 4 बजे वरिष्ठ नेताओं की आपात बैठक बुलाई। बाद में मीटिंग का वक्त शाम साढ़े 5 बजे तय किया गया।  इस बैठक में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव को भी बुलाया गया है।

# 100 से ज्यादा विधायक अखिलेश से मिलने उनके आवास पहुंचे। अखिलेश ने यूथ विंग के नेताओं से भी मुलाकात की। पार्टी कार्यकर्ता लगातार अखिलेश से मिलने पहुंच रहे हैं। इस पर घोषणा करवाई  गई है कि सीएम अब किसी से नहीं मिलेंगे।
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# अखिलेश यादव मुलायम से मिलने उनके घर पहुंचे। मुलायम ने कहा, अखिलेश को हटाया नहीं जाएगा। शिवपाल भी मुलायम से मिलने पहुंचे।

# सपा की बैठक खत्म होने से पहले मुलायम ने अखिलेश और शिवपाल से गले मिलने को कहा। मुलायम ने कहा कि शिवपाल तुम्हारे चाचा हैं, उनसे गले मिलो। इस पर अखिलेश ने चाचा के पैर छुए, लेकिन आशु मलिक के जिक्र पर फिर तकरार शुरू हो गई। अखिलेश ने कहा कि आशु मलिक जानता है कि अमर सिंह ने मेरे खिलाफ आर्टिकल लिखवाया जिसमें मुझे औरंगजेब कहा गया। तुरंत शिवपाल उठे और माइक छीनते हुए तेज आवाज में कहा कि अमर सिंह ने ऐसा कुछ नहीं किया, मैं जानता हूं। फिर अखिलेश और जोर से बोले, मैं भी सारा सच जानता हूं। इसके बाद माइक बंद कर दिया गया। जबरदस्त नारेबाजी शुरू हो गई।

गले मिलने के बाद अखिलेश-शिवपाल में हुई तू-तू, मैं-मैं, मंच पर ही भिड़े

# मुलायम का भाषण- अखिलेश और शिवपाल के भाषण के बाद पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह ने अपनी बात रखी। मुलायम ने कहा- मैं 13 साल की उम्र में पहली बार जेल गया। गलियों में लोहिया जी के पक्ष में नारे लगाए जा रहे थे। ऐसी लाठी चली कि सांप की तरह पीठ हो गई थी। आज जो उछल रहे हैं, एक लाठी मार दें तो पता नहीं चलेगा। हम जानते हैं कि कितनी कठिन लड़ाई है। मैंने आपको बुलाया है। पार्टी के लिए बहुत मेहनत करनी है। जो आलोचना नहीं सुन सकता वो बाहर जाए। नारेबाज़ी अच्छी नहीं है। नौजवानों को मैंने आगे किया, युवाओं को टिकट दिया। संकट के वक्त ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं। जो अपनी आलोचना नहीं सुन सकता, वो नेता नहीं बन सकता। कमजोरियों से लड़ने की बजाए हम आपस में ही लड़ रहे हैं। कुछ नेता चापलूसी में लगे हुए हैं। पद मिलते ही दिमाग खराब हो गया है।  जुआरियों और शराबियों की मदद कर रहे हो।

ये जो अखिलेश भैया, अखिलेश भैया कर रहे हैं ये क्या जानें कि हमने कितनी लड़ाई लड़ी है। जो आलोचना नहीं सुन सकता वो नेता नहीं हो सकता। तुम लोगो का दिमाग खराब हो गया है, अभी मैं थका नहीं हूं। ऐसा नहीं है कि नौजवान हमारे साथ नहीं हैं, अगर मैंने इशारा कर दिया तो खदेड़ दिया जाएगा। तुम लोग हवा में घूम रहे हो, जमीन के नेता नहीं हो। शिवपाल जनता के बीच का नेता है। न जाने कितने लोगों को हमने पार्टी के साथ जोड़ा है। पार्टी में तनातनी से आहत हूं। आज जो पार्टी में चल रहा है उससे दुखी हूं। मैं अभी कमजोर नहीं हुआ हूं। अपराधियों को पार्टी में नहीं आने दूंगा। मुख्तार अंसारी का परिवार सम्मानित परिवार है।

अमर सिंह ने कई बार बचाया है। अमर सिंह मेरे भाई हैं। अमर सिंह और शिवपाल के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता। तुम्हारी क्या हैसियत है? अमर सिंह को बाहर करने को कह रहे हो? अमर सिंह को गाली देते हो? अयोध्या के समय हमारे और आडवाणी जी के बीच कितना कुछ हुआ। हमें सही लगा और हमने उनको रोका। ना जितने कितने लोगों को हमने बना दिया। रक्षामंत्री रह चुका हूं और अगर चाहता तो प्रधानमंत्री बन जाता। जिन्होंने धोखा दिया वो सारे नंगे हो जाएंगे। सब नंगे हो जाओगे अगर मैं अपनी पर आ गया।

क्योंकि अखिलेश मनमोहन नहीं हैं...

# शिवपाल का भाषण- अखिलेश के भाषण के बाद शिवपाल ने कमान संभालते हुए अखिलेश पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो चिल्ला रहे हैं वो अनधिकृत लोग हैं। मैं भी अपने लोगों को बुलवाकर जवाब दे सकता था। मैंने भी पार्टी को बनाने में योगदान दिया है। नेता जी आपके संघर्ष से पार्टी यहां तक पहुंची है। सीएम का जन्म 1972 में हुआ था और मैंने पार्टी के लिए तभी से काम करना शुरू कर दिया था। हम लोग साइकिल से गांव-गांव जाते थे। एक भी गांव नहीं छोड़ा था। नेताजी ने मेरे काम की प्रशंसा की है। क्या मेरे विभागों में अच्छा काम नहीं हुआ? नेता जी आप अच्छी तरह जानते हैं। मेरा क्या कसूर था? क्या मैंने सीएम से कम काम क्या? मैंने नेता जी और सीएम का हर आदेश माना है।

आपने आदेश किया कि आपको हटाकर अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा रहा है। अखिलेश यादव के प्रदेश अध्यक्ष बनने पर मैंने एयरपोर्ट जाकर उनका स्वागत किया था। आपके आदेश पर मेरे साथ क्या हुआ, मुझे क्यों हटा दिया गया? लेकिन इस बार तुरंत मुझसे विभाग छीन लिए गए। क्या हमने कम काम किया था? मैंने कौन सा मुख्यमंत्री का आदेश नहीं माना? मैंने हर आदेश मुख्यमंत्री जी और नेता जी का माना है। मुझसे क्या झगड़ा था? नहीं बुलाया जाता था तब भी मैं जाकर मिलता था। मैं गंगा जल उठाकर एक बच्चे की कसम खाकर कह रहा हूं कि मुख्यमंत्री ने मुझसे कहा था कि मैं नया दल बनाऊंगा और किसी भी दल से समझौता कर चुनाव लड़ूंगा। नेता जी आप बाहरी शक्तियों से लड़ रहे थे। 2003 में सरकार कैसे बनी थी, अमर सिंह ने सहयोग दिया था। हम मेहनत करने वाले लोग हैं और बाकी लोग मलाई चाटने वाले हैं। नेताजी की पार्टी में वही रहेगा जो ईमानदारी से काम करेगा। दलाली नहीं करेगा, जमीनों पर कब्जे नहीं होंगे, अवैध काम नहीं होंगे।

मुख्तार अंसारी ने कभी भी पार्टी ज्वाइन नहीं की थी और ये लोग अफवाह फैला रहे हैं वो पार्टी में शामिल हुए हैं। हम झूठों और पार्टी तोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। तुम लोग अमर सिंह की चरणों की धूल भी नहीं हो। इस तरह के लोगों को पार्टी से निकाला जाना चाहिए। नेताजी आप मुझे छूट दे दीजिए, मैं सबको एक करके आपको दे दूंगा। राज्यसभा के चुनाव में मैंने नेताजी के कहने से अजीत सिंह से बात की थी। सीएम ने तो किसी से संपर्क भी नहीं किया था। हेलीकॉप्टर क्या तुम्हारे बाप का था? जिससे हम लोगों से मिलने गए। नेताजी, जब आप निकलेंगे तो यूपी में तूफ़ान आ जाएगा। मैं इसलिए बताना चाहता हूं, ये सरकार और सरकार में जो भी मंत्री होता है उसकी सामूहिक ज़िम्मेदारी होती है। पहले पढ़ो, सीखो और अनुशासन में रहना सीखो। जो पक्के सपावादी हैं वो 5 नवंबर को जो सम्मेलन होने जा रहा है,  उसमें उनको आना है।

# अखिलेश का भाषण- नेताजी का रास्ता हर कोई जानता है। आपने हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने का रास्ता दिखाया है। मैं नई पार्टी क्यों बनाऊंगा। अगर कोई साजिश कर रहा है तो मुझे उसके खिलाफ खड़ा होना होगा। दूसरे लोगों ने कैंपेन शुरू कर दिया है। आपकी पार्टी ने बहुत से काम किए हैं। आपने कहा कि 24 महीने के भीतर एक्सप्रेस वे बनकर तैयार होना चाहिए। हमने 22 महीने में तैयार कर दिया। हमारे जन्मदिन पर इसका उदघाटन करेंगे। यूपी सरकार एकमात्र सरकार है जो 55 लाख महिलाओं को पेंशन दे रही है। लोग कह रहे हैं कि मैं नई पार्टी बनाऊंगा। कौन नई पार्टी बना रहा है? मैं नहीं बना रहा हूं। मेरी जिम्मेदारी है कि मैं साजिश के खिलाफ खडा होऊ। अगर आपने इस्तीफा मांगा होता तो मैं इस्तीफा दे देता। आपने कहा कि दीपक सिंघल को हटाओ, मैंने हटाया। आपने कहा था गायत्री प्रजापति को हटाओ, मैंने हटाया। मुझे हटाने की बात पर अमर सिंह बैठे थे। अमर सिंह ने पिछले साल ट्वीट किया था कि यूपी में सपा में बदलाव होगा और सीएम को बदला जाएगा। रामगोपाल जी ने कभी भी मुझसे किसी को हटाने को नहीं कहा था।ये मेरा करियर है, राजनीति छोड़ दूंगा तो कहां जाऊंगा? मैं कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वो नेताजी से अपने दिल की बात कहें।

# अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया- मुझे नेताजी और शिवपाल जी के सामने बोलने का मौका दीजिए क्योंकि बहुत लोग हमारे बीच संदेह पैदा करना चाहते हैं। जो बात सुनना नहीं चाहते वो चले जाएं।

# पार्टी मुख्यालय में सपा की बैठक शुरू, मुलायम सिंह, अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और बड़े नेता, सांसद, विधायक शामिल।

# मुलायम सिंह यादव सपा दफ्तर पहुंचे। अखिलेश यादव भी पहुंचे। थोड़ी देर में शुरू होगी बैठक।

# रामगोपाल बोले, अखिलेश खुद एक पार्टी,  उन्हें नई पार्टी बनाने की जरूरत नहीं।

# शिवपाल ने समाजवादी समर्थकों से कहा है कि केवल एक ही नारा लगेगा 'मुलायम जिंदाबाद'। अखिलेश समर्थकों की नारेबाजी से शिवपाल नाराज, बोले- गुंडई नहीं करने दी जाएगी।

# अखिलेश और शिवपाल समर्थकों के बीच नारेबाजी के बाद मारपीट। दफ्तर के बाहर भारी हंगामा।

# सपा दफ्तर के बाहर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की। दफ्तर के बाहर शिवपाल समर्थकों की नारेबाजी।

# रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव ने चिट्ठी लिखी- जिस तरह से मेरे पिताजी को पार्टी से निकाला गया है उससे मैं बेहद आहत हूं। हमारे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। अखिलेश से इतना बुरा बर्ताव किया गया कि उन्हें दूसरे घर में शिफ्ट होना पड़ा। उनका सामान कमरे से फेंक दिया गया। हम अखिलेश को ही सीएम के रूप में देखना चाहते हैं।

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# सपा दफ्तर जाने से पहले शिवपाल यादव मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे। शिवपाल यादव ने कहा- सीधा चुनाव की तैयारी, चुनाव में जाना है। नेताजी आएंगे और संबोधन करेंगे। ये (सपा में घमासान) तो होना ही था।


# पार्टी दफ्तर के बाहर जुटे सपा कार्यकर्ता। अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के समर्थक दफ्तर के बाहर जुटे हुए हैं। दोनों के समर्थक अपने नेता के पक्ष में नारेबाजी कर रहे हैं। सपा कार्यालय के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, बवाल और विवाद की भी आशंका

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First published: October 24, 2016, 9:22 AM IST
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