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बीएसपी ने भी मानी सोशल मीडिया की ताकत, सक्रिय हुए माया समर्थक

सभी फोटो: बसपा के फेसबुक पेज से

सभी फोटो: बसपा के फेसबुक पेज से

इस वक्त समाज में बदलाव का एक बड़ा हथियार सोशल मीडिया है। आम आदमी पार्टी, भाजपा, सपा और कांग्रेस ने तो इसकी ताकत पहले ही ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्‍ली। सिर्फ रैलियों और पारंपरिक प्रचार-प्रसार में विश्‍वास रखने वाली पार्टी बसपा भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गई है। उसे लगता है कि अगर इस प्‍लेटफॉर्म पर अपनी बात नहीं रखी गई तो उसके कोर वोटबैंक के युवा वर्ग पर भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां सेंध लगा लेंगी। बीएसपी यूपी मिशन 2017 के नाम से फेसबुक पेज बनाकर  ‘बहन जी को आने दो’ शीर्षक से अलग-अलग मुद्दों पर लोगों तक बात पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। समाजवादी पार्टी पहले से ही प्रोफेशनल तरीके से सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव का प्रचार-प्रसार कर रही है।

    बदलते दौर में मायावती के प्रचार का तरीका भी बदल रहा है। मायावती के समर्थक सोशल मीडिया पर उनके प्रचार-प्रसार के लिए सक्रिय हो गए हैं। बीजेपी और सपा की तरह प्रोफेशनल तरीके से वादों का ब्‍योरा देना शुरू कर दिया है। भाईचारा, कानून व्यवस्था ठीक करने के वादे के साथ बीजेपी और सपा पर चुटकी भी ली जा रही है। साथ ही मायावती की प्रेस कांफ्रेंस की वीडियो भी इस पर शेयर की जा रही है।

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    सेंटर फॉर द स्‍टडी ऑफ सोसायटी एंड पॉलिटिक्‍स के निदेशक प्रोफेसर एके वर्मा कहते हैं कि मायावती कभी इस तरफ नहीं देखती थीं। लेकिन अब बसपा को लग रहा है कि भाजपा और आम आदमी पार्टी जैसी पार्टियों की एक बड़ी ताकत सोशल मीडिया है। जो दलित सोशल मीडिया पर हैं उनमें युवा वर्ग का बड़ी संख्‍या में वोट बीजेपी को गया है।

    दलितों का पिछले कुछ वर्षों में काफी उभार हुआ है। उनमें जो युवा पढ़ने-लिखने लगे हैं वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। अब अगर उनकी मोबाइल स्‍क्रीन पर बीजेपी और मोदी ही दिखाई देंगे तो वह उसी से प्रभावित होंगे। मुझे लगता है कि यह बात अब मायावती भी समझ में आ गई है। इसलिए उनकी पार्टी ने अपने प्रचार रणनीति में इस माध्‍यम को भी जोड़ लिया है।

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    डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी में मास कम्‍युनिकेशन डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर राजेश कुशवाहा कहते हैं कि आज सोशल मीडिया बहुत बड़ी ताकत है। कोई भी अपनी बात आसानी से लोगों तक पहुंचा सकता है। दलितों का एक बड़ा वर्ग सोशल मीडिया का इस्‍तेमाल कर रहा है। उनके ग्रुप बने हुए हैं। फेसबुक पेज बने हुए हैं। जिस पर वे ज्‍वलंत मसलों पर अपनी राय रखते हैं। उन्‍होंने विधानसभा चुनाव का भी ग्रुप बना रखा है। यह बदलाव बसपा को दिखाई दे रहा है। इसीलिए वह इस प्‍लेटफार्म का इस्‍तेमाल करने के लिए मजबूर हुई है।

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    इस तरह है स्‍लोगन:


    • प्रदेश को गुंड़े माफियाओं से बचाने को/ उत्तर प्रदेश मे बहुमत से बहन जी को आने दो।

    • शिक्षा का माहौल छाने दो, बहन जी को आने दो।

    • जनता की बुझती उम्मीद को, नई रौशनी दिखाने को/ उत्तर प्रदेश मे बहुमत से बहन जी को आने दो।

    • बेहतर कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने को/बहन जी को बहुमत से यूपी मे आने दो।

    Tags: AAP, Bahujan samaj party, BJP, Congress, Mayawati, Social media

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