2019 चुनाव के लिए भानुमति का कुनबा बना तो औंधे मुंह गिरेगा- योगेन्द्र

विपक्ष के नाम पर भानुमति का कुनबा बनाने भर से कुछ नहीं होगा. इससे आप मौजूदा सरकार को और मजबूत करेंगे.

अफसर अहमद | News18India.com
Updated: May 9, 2017, 9:11 PM IST
अफसर अहमद
अफसर अहमद | News18India.com
Updated: May 9, 2017, 9:11 PM IST
2019 के लोकसभा चुनावों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. इसके लिए बहुत लम्बी तैयारियों की जरूरत है. विपक्ष के नाम पर भानुमति का कुनबा बनाने भर से कुछ नहीं होगा. इससे आप मौजूदा सरकार को और मजबूत करेंगे. और नतीजा ये होगा कि आपका भानुमति का कुनबा औंधे मुंह गिर जाएगा.

न्यूज 18 हिन्दी डॉट कॉम से खास बातचीत में स्वराज इंण्डिया के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने ये दावा किया.

मोदी विरोध से आप 2019 ही नहीं 2024 भी हारेंगे

2019 के लोकसभा चुनावों के हिसाब से विपक्ष बिखरा हुआ नजर आ रहा है. इस सवाल के जवाब में उनका कहना है कि 2019 चुनाव को आखिरी लक्ष्य नहीं मानें. ये लम्बी राजनीति के लिए गलत है.

फाइल फोटो- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विरोधी भानुमति का कुनबा जोड़कर आप मोदी को नहीं हरा सकते. जो ऐसा करेगा वो औंधे मुहं गिरेगा. और उल्टे आप ऐसा करके मोदी को मजबूत करेंगे. आप इतिहास में 1971 का उदाहरण ही देख लिजिए.

कुछ लोग पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ एकजुट हुए थे. नारा दिया गया था कि इंदिरा हटाओ. लेकिन हुआ क्या, इंदिरा गांधी ने नारा दिया कि गरीबी हटाओ. नतीजा ये निकला कि प्रचंड बहुमत से उन्होंने सरकार बनाई.
Loading...

मौजूद हालात के लिए मोदी नहीं सेक्युलरवादी जिम्मेवार हैं

देश के मौजूदा हालात के लिए केन्द्र सरकार उतनी जिम्मेवार नहीं है जितना इस देश की सेक्युलरवादी कहलाने वाली ताकतेें जिम्मेवार हैं. देखिए 2019 लगभग तय है. उसे किसी छोटे खेल से बदला नहीं जा सकता है. अभी से 2024 के बारे में नहीं सोचा तो आप 2019 भी हारेंगे और 2024 भी.

क्योंकि सही बात तो ये है कि सेक्युलरवादियों की राजनीति पांखडी हो गई है. सोशल जस्टिस की राजनीति जातिवादी हो गई है, समाजवाद की राजनीति निरर्थक हो गई है. और राष्ट्रवाद की विरासत उन लोगों की थाली में रख दी गई है जिन्होंने देश के राष्ट्रवाद में एक कतरा भी खून नहीं बहाया था.  सिर्फ पैबंद लगाकर मुकाबला नहीं किया जा सकता है.

किसी और को मुबारक हो हरकिशन सुरजीत वाली जिम्मेवारी

एक मजबूत विपक्ष बनाने के लिए और बिखरे हुए विपक्ष के सभी लोगों को जोड़ने के लिए हरकिशन सिंह सुरजीत वाली भूमिका में आना पसंद करेंगे. इस सवाल के जवाब में योगेन्द्र यादव हाथ जोड़ते हुए कहते हैं कि भाई ये जिम्मेवारी किसी और को ही मुबारक हो मुझे तो इससे बख्श ही दिजिए.

ये भी पढ़ें 

कपिल के बाद कुमार के ये विश्वासपात्र भी हैं निशाने पर!

संविधान की बात करने वाले कपिल फॉर्म हाऊस कांड भूल गए क्या: योगेन्द्र
First published: May 9, 2017, 9:11 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...