कहानी ‘उड़ता पंजाब’ की: ‘चिट्टा’ की लत में सबकुछ बेचा, वेश्यावृत्ति शुरू कर दी

सांकेतिक तस्वीर

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एक 32 वर्षीय महिला का ड्रग्स की आदी होने का मामला प्रकाश में आया है. तीन साल पहले महिला के पति की मौत हो गई थी, जिसके बाद से उसे काफी मुश्किल वक्त का सामना करना पड़ रहा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 25, 2018, 11:36 AM IST
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पंजाब के कोटकपुरा में ड्रग्स की ओवरडोज से 22 साल के युवक की मौत और रोते हुए उसकी मां का झकझोर करने वाला वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के दो दिनों के अदर राज्य में ड्रग्स की वजह से लोगों की मौत के तीन और मामले सामने आए हैं.

पहला मामला अमृतसर के छेहरटा का है, जहां दो युवक अपने घर में मृत पाए गए. पुलिस के अनुसार, दोनों की मौत चिट्टा (हीरोइन और एलएसडी को मिलाकर बनाया गया ड्रग) के ओवरडोज की वजह से हुई.

दूसरा मामला अमृतसर के वेरका रेल लाइन का है. रविवार को यहां एक युवक का शव मिला, जिसके मुंह से झाग निकल रहा थी. इस क्षेत्र में इससे पहले भी ड्रग्स के ओवरडोज की वजह से मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं.



विडंबना देखिए कि अमृतसर वहीं शहर है जहां ड्रग्स के खतरे को उजागर करने के लिए बॉलीवुड की विवादित फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ की शूटिंग हुई थी.
तीसरा मामला लुधियाना का है, जहां 25 साल के रवि वर्मा की ड्रग्स के ओवरडोज की वजह से मौत हो गई. वर्मा के परिवार का दावा है कि उन्होंने अपनी बहू को बेटे को ड्रग्स का इंजेक्शन लगाते हुए देखा था.

बहू पर परिवार को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए रवि वर्मा के पिता किम्मी लाल वर्मा ने बताया, "2013 में हमारे बेटे की शादी हुई थी, लेकिन हमें कुछ दिनों बाद पता चला कि हमारी बहू एक भांगड़ा ग्रुप में डांसर है. जब हमने उसके डांस करने को लेकर सवाल खड़े किए तो उसने हमारे बेटे को ड्रग्स का इंजेक्शन देना शुरू कर दिया ताकि वह अपने शो कर सके. हमें इसका पता नहीं है कि वह ऐसा कब से कर रही थी, हमें कुछ दिन पहले ही इसके बारे में पता चला. जब हमने विरोध किया तो उसने अपने चार साल के बेटे के साथ घर छोड़ दिया."

जांच अधिकारी गुरमीत सिंह ने कहा कि शिकायत के आधार पर बहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

इसी बीच दो बच्चों की मां 32 वर्षीय महिला का ड्रग्स की आदी होने का मामला प्रकाश में आया है. तीन साल पहले महिला के पति की मौत हो गई थी, जिसके बाद से उसे काफी मुश्किल वक्त का सामना करना पड़ रहा था. खर्च चलाने के लिए वह घंटों के आधार पर अपना घर किराए पर देती थी.

पैसों की तंगी के कारण महिला को अपना पार्लर बेचना पड़ा. जब बेचने के लिए कुछ नहीं बचा तो उसने अपना घर ड्रग्स लेने की जगह के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. महिला ने कहा, "दो लड़के ड्रग्स लेने के लिए आए थे जिनको मैंने अपने बारे में बताया और उन्होंने मुझे चिट्टा दिया. जिस दिन मैंने पहली बार चिट्टा लिया मुझे सबसे अच्छी नींद आई. चिट्टा की एक डोज ने मुझे मेरे सारे दुख भुला दिए, इसलिए मैंने उनसे चिट्टा मांगना शुरू कर दिया."

अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए और बाद में नशे की आदत की वजह से महिला ने न केवल अपना सबकुछ बेच दिया बल्कि वेश्यावृत्ति के धंधे में भी चली गई. महिला ने कहा, "केवल चिट्टा खरीदने के लिए मैंने ऐसी-ऐसी चीजें की हैं जिनके बारे में मैंने सपनों में भी नहीं सोचा था, मैंने आत्महत्या की भी कोशिश की. मुझे जहां कभी नहीं जाना चाहिए था मैं उससे भी कई आगे निकल गई. "

महिला के अनुसार, जो लड़के उसके घर में ड्रग्स लेने के लिए आते थे चिट्टा के कारण उनमे से कई की मौत हो चुकी है. उसका दावा है कि कुछ पुलिस अधिकारी भी ड्रग्स लेने के लिए उसके घर पर आते हैं.

जब 'नागरिक सेवा सोसाइटी' को महिला की हालत के बारे में पता चला तो उन्होंने उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे फरीदकोट अस्पताल भेजा गया. बाद में  उसे 'बाबा गरीबदास आश्रम' भेजा गया. यहां उसका इलाज चल रहा है. महिला के दोनों बच्चों को आश्रम भेजा गया है.

सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत कौर नंगल ने कहा, "जब मैं उससे मिलने गया, तो उसके घर की हालत खराब थी और वह काफी असहाय थी.”

एक और महिला जिसने पति और बेटे के अलावा अपने परिवार के कई अन्य सदस्यों को ड्रग्स के ओवरडोज की वजह से खोया है, अपना दर्द बयां किया. महिला गुरमीत कौर ने कहा, "मैंने अपने पति, बेटे, भाई, भाभी,  ननद के पति और भतीजे छह लोगों को ड्रग्स की वजह से खोया है. किसी भी मां के बेटे की, पति या परिवार के किसी सदस्य की मौत इस तरह से नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जब कमाने वाले सदस्य की मौत हो जाती है तो आपका जीवन भयानक हो जाता है.”

गुरमीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार को "अपने बेटों" को बचा लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम सरकार से अपने बच्चों के जीवन की सुरक्षा के अलावा और कुछ नहीं चाहते. पंजाब सरकार को कम से कम अपने बेटों को बचा लेना चाहिए. कौर ने कहा कि अगर पंजाब के युवा काम नहीं करना चाहते हैं तो उन्हें ड्रग्स भी नहीं लेनी चाहिए.

गुरमीत कौर के पोते बिंदा सिंह ने कहा, सात एकड़ जमीन होने के बाद भी हमने सबकुछ खो दिया और आज हमारे पास कुछ नहीं है. सरकार ने चार हफ्तों में ड्रग्स को खत्म करेन वायदा किया था. अगर सरकार सच में ड्रग्स को खत्म करना चाहेगी तो उसे चार हफ्ते तो छोड़िए चार मिनट का वक्त भी नहीं लगेगा. डीएसपी से लेकर एसएचओ तक सबको खुले तौर पर बिकने वाली ड्रग्स के बारे में पता है.”

(जसबीर बरार, अमित शर्मा, इशपाक धुड़ी और नरेश शेठी के इनपुट के साथ)

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