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    पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते 12 त्योहार स्पेशल ट्रेन कैंसल, अब तक 2,220 करोड़ रुपये का नुकसान: रेलवे

    प्रदर्शनकारी किसानों और रेलवे के बीच अभी गतिरोध बना हुआ है. (फाइल फोटो)
    प्रदर्शनकारी किसानों और रेलवे के बीच अभी गतिरोध बना हुआ है. (फाइल फोटो)

    भारतीय रेलवे ने इसके साथ ही बताया कि केंद्र के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा जारी विरोध के कारण उसे यात्री राजस्व में 67 करोड़ रुपये सहित 2,220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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    नई दिल्ली. रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि किसान आंदोलन के कारण 12 त्योहार स्पेशल ट्रेनों को रद्द किया है जबकि एक ट्रेन के मार्ग में बदलाव किया है. उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील बेनीवाल ने यह जानकारी दी. जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है, उनमें जम्मू तवी-अजमेर,अजमेर-जम्मू तवी, बाडमेर-ऋषिकेश, ऋषिकेश-बाडमेर, बठिण्डा -दिल्ली और दिल्ली-बठिण्डा, श्रीगंगानगर-दिल्ली,दिल्ली-श्रीगंगानगर, अजमेर-अमृतसर द्वि-साप्ताहिक, अमृतसर-अजमेर द्वि-साप्ताहिक, बान्द्रा टर्मिनस-जम्मूतवी साप्ताहिक,जम्मूतवी-बान्द्रा टर्मिनस साप्ताहिक शामिल है. इन्हें अलग-अलग समय के लिए फिलहाल रद्द किया गया है.

    भारतीय रेलवे ने इसके साथ ही बताया कि केंद्र के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा जारी विरोध के कारण उसे यात्री राजस्व में 67 करोड़ रुपये सहित 2,220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उसने कहा कि 24 सितंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के कारण 3,850 मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है. अब तक 2,352 यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया या उनके मार्ग में परिवर्तन किया गया.

    प्रदर्शनकारी किसानों और रेलवे के बीच अभी गतिरोध बना हुआ है क्योंकि रेलवे ने प्रदर्शनकारियों के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है कि राज्य में केवल मालगाड़ियों को ही चलने दिया जायेगा. रेलवे ने कहा, 'यात्री ट्रेनों को रद्द करने के कारण राजस्व घाटा 67 करोड़ रुपये है. आईआर स्तर पर कमाई का कुल नुकसान 2,220 करोड़ रुपये है.' उसने कहा कि पंजाब के लिए लगभग 230 भरे हुए डिब्बे (रेक) इस समय राज्य के बाहर खड़े हैं. इनमें कोयले के 78 डिब्बे, उर्वरक के 34, सीमेंट और पेट्रोलियम, तेल के आठ और इस्पात और अन्य वस्तुओं को ले जाने वाले 102 कंटेनर शामिल हैं.

    रेलवे ने कहा कि पंजाब में ही लगभग 33 रेक फंसे हुए हैं. रेलवे ने कहा है कि उसे राज्य सरकार से पूर्ण गारंटी की आवश्यकता है कि कोई भी ट्रेन बाधित नहीं होगी और यात्री और मालगाड़ियों दोनों को ही चलने दिया जाएगा.



    किसानों का हालांकि कहना है कि वे मालगाड़ियों को चलने देंगे लेकिन यात्री ट्रेनों के लिए कोई गारंटी नहीं दे सकते हैं. किसान सरकार द्वारा हाल में पारित कृषि संबंधी विधेयकों का विरोध कर रहे हैं.
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