पंजाब: साइकिल सवार को सांड ने दस फीट उछाला, जमीन पर गिरने से मौत

राहगीरों ने इस घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

राहगीरों ने इस घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Bull Attack in Punjab: जानकारी के मुताबिक ये सांड सड़क पर लोगों को परेशान कर रहा था. लोग उसे बीच सड़क से हटाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वह अपनी जगह से हिल नहीं रहा था.

  • Share this:

चंडीगढ़. पंजाब के बरनाला (Barnala) में सड़कों पर खुलेआम घूम रहे आवारा पशु जानलेवा साबित हो रहे हैं. एक सांड ने एक व्यक्ति को साइकिल सहित सींग में फंसा कर दस फुट तक हवा में उछाल दिया, जिसके चलते व्यक्ति सिर के बल गिरा और उसकी अस्पताल ले जाते हुए मौत हो गई. मृतक की पहचान तपा निवासी बिल्लू राम के रूप में हुई है.

जानकारी के मुताबिक ये सांड सड़क पर लोगों को परेशान कर रहा था. लोग उसे बीच सड़क से हटाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वह अपनी जगह से हिल नहीं रहा था. इस बीच उस पानी डालकर भी सड़क से हटाने का प्रयास किया गया लेकिन वह बीच सड़क पर ही खड़ा रहा. इसके बाद जब साइकिल पर सवार बिल्लू राम (60) वहां से गुजरा तो बिफरे हुए सांड ने साइकिल सवार को सीघों से उठाकर पटक दिया. इस बीच उसने बचने की भी कोशिश की लेकिन सांड ने इतनी फुर्ती दिखाई की उसे मौका ही नहीं दिया. राहगीरों ने इस घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

यह भी पढ़ें: पंजाब: युवकों ने सड़क पर फाड़े SHO की बेटी के कपड़े, तलवार लेकर दौड़ाया

पंजाब में करीब  2.5 लाख आवारा पशु
राज्य में इस समय पर 2.5 लाख के करीब आवारा पशु हैं. जिनके प्रबंधन का जिम्मा जिला प्रशासन के पास है. पंजाब सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए एक सब कमेटी का भी गठन किया था, लेकिन योजनाएं अभी भी पूरी नहीं हो पाई हैं. पंजाब में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या के हल के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करीब दो साल पहले पांच सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी गठन करवाया था.


मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सब-कमेटी का प्रमुख पशुपालन मंत्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा को बनाया था. अन्य सदस्यों में लोक निर्माण मंत्री विजय इंद्र सिंगला, स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को शामिल किया गया था. इसके अलावा जिला उपायुक्तों को भी आवारा पशुओं के लिए गौशालाएं बनाने के निर्देश दिए थे. लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज