AAP और SAD विधायकों ने सदन से किया वॉकआउट, जानें क्या हुआ बजट सत्र में खास

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद बिजली की महंगी दरों को लेकर भी सदन में हंगामा हुआ.

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद बिजली की महंगी दरों को लेकर भी सदन में हंगामा हुआ.

Punjab Latest news in Hindi: विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर जब भाजपा के विधायक अरुण नारंग की बोलने की बारी आई तो शिअद (SAD) और आप (AAP) विधायकों ने उनका विरोध किया और कहा कि पहले वो किसानों के मुद्दे पर बात करें.

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  • Last Updated: March 4, 2021, 10:44 AM IST
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चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा बजट सत्र (Punjab Budget Session) के तीसरे दिन शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) और आम आदमी पार्टी Aam Aadmi Party के विधायकों ने जमकर हंगामा किया. दोनों दलों के विधायकों ने सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अरुण नारंग (BJP MLA Arun Narang) को बोलने ही नहीं दिया. शिअद और आप विधायक नारंग का विरोध करते हुए विधायक सदन की वेल पर आ गए जहां उन्होंने कैप्टन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और फिर सदन से वॉकआट कर गए.

भाजपा विधायक को सदन में बोलने से रोका
विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर जब भाजपा के विधायक अरुण नारंग की बोलने की बारी आई तो शिअद (SAD) और आप (AAP) विधायकों ने उनका विरोध किया और कहा कि पहले वे किसानों के मुद्दे पर बात करें. कांग्रेस के विधायक देवेंद्र गोल्डी (Congress MLA Devender Goldy) ने भी भाजपा विधायक का विरोध किया. अकाली दल के विधायक हरिंदर सिंह चंदूमाजरा (Harinder Singh Chandumajra) ने भी किसानों के प्रति भाजपा के स्टैंड के बारे में पूछा. हंगामा होने पर सभापति ने भाजपा विधायक का माइक ही बंद करवा दिया.

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बिजली की महंगी दरों पर हंगामा


विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद बिजली की महंगी दरों को लेकर भी सदन में हंगामा किया. शिअद ने भी इस मामले में आप विधायकों का साथ दिया.आप विधायक अमन अरोड़ा (Aman Arora) ने सत्तापक्ष को याद करवाया कि 2017 में चुनाव के दौरान कांग्रेस ने तीन प्राइवेट थर्मल प्लांट के साथ हुए समझौते रिव्यू करने का वादा किया था. चार साल बीत जाने के बाद भी सरकार अपने इस वादे को पूरा नहीं कर पाई है.

कर्मचारियों की SAD की वकालत
शिरोमणि अकाली दल के विधायकों ने कर्मचारियों का मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की और अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की. इसके अलावा शिअद ने कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के मुताबिक लाभ देने की भी वकालत की.
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