Punjab: वैक्सीन और फतेह किट का कथित घोटाला पहुंचा PM Office, उच्चस्तरीय जांच की मांग

वैक्सीन और फतेह किट का कथित घोटाला पहुंचा PM Office

पंजाब बीजेपी (Punjab BJP) के शीर्ष प्रतिनिधमंडल ने पीएम ऑफिस के एमओएस डॉ. जितेंदर सिंह (Dr. Jitender Singh) से मिलकर उन्हें दोनों कथित घोटालों (scam) की जानकारी दी है है और इससे संबंधित दस्तावेज भी उन्हें दिया है.

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    चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस सरकार (Punjab Congress government) द्वारा कोरोना वैक्‍सीन निजी अस्पतालों को महंगे दामों पर बेचने और पीपीई किट और फतेह किट (PPE kits and Fateh kits) की खरीद में हुए कथित घोटाले (Scam) का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister's Office) तक पहुंच गया है. भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने पीएम ऑफिस पहुंच कर दोनों मामलों की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है. पार्टी के शीर्ष प्रतिनिधमंडल ने पीएम ऑफिस के एमओएस डॉ. जितेंदर सिंह (Dr. Jitender Singh) से मिलकर उन्हें दोनों कथित घोटालों की जानकारी दी है है और इससे संबंधित दस्तावेज भी उन्हें दिया है.

    प्रतिनिधिमंडल में संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश भाजपा महासचिव जीवन गुप्ता, डॉ. सुभाष शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजेश बागा मौजूद थे. प्रतिनिध मंडल ने पीएम ऑफिस को अवगत करवाया कि पंजाब सरकार ने महामारी में अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए 50 दिनों के अंदर फतेह किट के लिए 4 टेंडर जारी किए हैं और प्रक्रिया से अधिक भुगतान किया है.

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    सरकार ने पहले 3 अप्रैल को फतेह किट के लिए एक निविदा जारी की, जिसमें सबसे कम बोली लगाने वाले को शुरू में कर सहित 838 रुपये का टेंडर दिया गया था, लेकिन बाद में सरकार ने खरीद के समय बोली लगाने वाले को 940 रुपये का भुगतान किया था. इसके बाद सरकार ने इसी किट के लिए 1226 रुपये दिए. फिर से तीसरी बार उसी बोलीदाता को निविदा की अनुमति दी और 1338 उसी फतेह किट के दिए.

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    इसके अलावा पंजाब सरकार कंपनियों से 400 रुपए में वैक्सीन खरीदकर निजी अस्पतालों को करीब 80 हजार डोज 1060 हजार रुपए में बेची और अस्पतालों ने उसे लोगों को 1500 से 1700 रुपए में लगाया. बाद में सरकार ने यह निर्णय वापस ले लिया. प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि सरकार द्वारा निर्णय वापस लेना इस बात को दर्शाता है कि खरीद में घोटाला हुआ है. पीएम ऑफिस के एमओएस डॉ. जितेंदर सिंह ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत करवा देंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों मामलों में उचित कार्रवाई होगी.

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