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पंजाब में नशे के मुद्दे पर घिरे CM अमरिंदर, अब 100 दिनों में गांवों को नशामुक्त करने की तैयारी

अमरिंदर सिंह ने खाई थी श्री गुटका साहिब की सौगंध. (File pic)

अमरिंदर सिंह ने खाई थी श्री गुटका साहिब की सौगंध. (File pic)

Punjab News: अब पुलिस विभाग नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों, वार्डों और क्षेत्रों को चिन्हित करेगा फिर ऑपरेशन रेड फ्लैग (Operation Red Flag) के तहत 100 दिन के अंदर उन्हें नशा मुक्त करने की कोशिश करेगा.

  • News18Hindi
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    चंडीगढ़. श्री गुटका साहिब की सौगंध खाकर पंजाब से नशे को जड़ से समाप्त करने का वादा करने वाले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) चुनावी साल में विरोधियों के निशाने पर हैं. यही नहीं कांग्रेस हाईकमान (Congress) ने भी इसे पंजाब सरकार के 18 सूत्रीय एजेंडे में शामिल किया है और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) भी अपनी ही सरकार को इस मामले में कई बार घेरते हुए नजर आ रहे हैं.

    इस सबके चलते सरकार की ओर से अब नशे को खत्म करने के लिए 100 दिन की एक योजना तैयार की गई है. इस योजना के तहत पुलिस विभाग नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों, वार्डों और क्षेत्रों को चिन्हित करेगा फिर ऑपरेशन रेड फ्लैग (Operation Red Flag) के तहत 100 दिन के अंदर उन्हें नशा मुक्त करने की कोशिश करेगा.

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में नशा विरोधी अभियान की एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव सुरेश कुमार ने सुझाव दिया कि बिग बैंग कार्यक्रम के तहत राज्य के पुलिस प्रमुख “ऑपरेशन रेड फ्लैग” नामक एक अभियान शुरू कर सकते हैं. यह निर्णय लिया गया कि कम से कम एक ऐसा कार्यक्रम शुरू किया जाना चाहिए जो नशीले पदार्थों के खिलाफ प्रभावशाली से काम करे.

    बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार, बिग बैंग कार्यक्रम की व्यापक रूपरेखा सार्वजनिक पहुंच पर केंद्रित होगी. अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी और एडीजीपी-सह-ड्रग रोधी स्पेशल टास्क फोर्स के एक पैनल को बिग बैंग कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री को एक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है. इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को शुरू करने का कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य में चुनाव छह महीने से भी कम समय में हैं. नशे के मुद्दे पर सीएम को पार्टी के भीतर भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने बार-बार पार्टी सरकार की निष्क्रियता और नशीली दवाओं के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ पिछली अकाली सरकार पर सवाल उठाया है. सिद्धू ने यह भी मांग की है कि सरकार ड्रग्स पर एसटीएफ की रिपोर्ट को सार्वजनिक करे.

    जून के अंत तक नशा विरोधी अभियान पर तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, 16,117 गांवों और वार्डों में से केवल 3,967 (24.6 प्रतिशत) ही नशा मुक्त हैं. रिपोर्ट के मुताबिक सीएम के गृह जिले में पटियाला में कुल 1,208 में से 203 गांवों और वार्डों को नशा मुक्त के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो कि केवल 16.8 प्रतिशत है. रिपोर्ट में अकाली मुखिया का गढ़ मुक्तसर जिला और विधानसभा में लंबी का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार मुक्तसर के कुल 310 गांवों और वार्डों में से केवल 49 ही नशामुक्त हैं, जो कुल का 15.8 प्रतिशत है.

    रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर पुलिस कमिश्नरी के 110 स्थानों में से कोई भी नशा मुक्त नहीं है और होशियारपुर में 1,916 स्थानों में से केवल 46 (2.4 प्रतिशत) ही नशामुक्त है. फिरोजपुर में 816 में से 25 (3.06 प्रतिशत) और रोपड़ में 764 में से 59 (7.7 प्रतिशत) नशामुक्त हैं. मोगा जिले में अधिकतम नशा मुक्त गांव हैं जहां कुल 443 में से 432 और इसके बाद फाजिल्का में 549 में से 500 गांव नशामुक्त हैं.

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