अमृतसर लोकसभा सीट: 2014 में मोदी लहर के बावजूद कांग्रेस ने की थी जीत दर्ज

News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 12:22 PM IST
अमृतसर लोकसभा सीट: 2014 में मोदी लहर के बावजूद कांग्रेस ने की थी जीत दर्ज
अमृतसर लोकसभा सीट

यह संसदीय सीट बड़े उलटफेर के लिए जानी जाती है. तीन बार से बीजेपी के खाते में जा रही यह सीट देशभर में मोदी लहर के बावजूद 2014 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के खाते में चली गई.

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पंजाब की अमृतसर लोकसभा सीट आकर्षण का केंद्र है. स्वर्ण मंदिर के चारों तरफ बसा अमृतसर अपने स्‍वतंत्रता संघर्षों के लिए प्रसिद्ध है. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा नरसंहार अमृतसर के जलियांवाला बाग में ही हुआ था. इसके अलावा भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौरान भी इस शहर का अपना ही इतिहास है. वहीं राजनीतिक रूप से देखें तो यह एक हाईप्रोफाइल सीट है.

यह संसदीय सीट बड़े उलटफेर के लिए जानी जाती है. यहां के अप्रत्‍याशित परिणाम अक्‍सर लोगों को चौंकाते हैं. इसी तरह 2014 में हुआ. तीन बार से बीजेपी के खाते में जा रही यह सीट देशभर में मोदी लहर के बावजूद पिछले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के खाते में चली गई. इससे भी दिलचस्‍प बात यह थी कि बीजेपी के बड़े नेता अरुण जेटली को यहां से करीब एक लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. उससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू तीन बार से इस लोकसभा सीट से बीजेपी की टिकट पर जीत दर्ज कर रहे थे.

2019 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने इस सीट से गुरजीत सिंह औजला जबकि बीजेपी ने हरदीप सिंह पुरी को मैदान में उतारा है. इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने कुलदीप सिंह धालीवाल पर भरोसा जताया है. सीपीआई ने दसविंदर कौर को टिकट दी है.

2014 में बीजेपी उम्‍मीदवार रहे अरुण जेटली को हार का सामना करना पड़ा था.
2014 में बीजेपी उम्‍मीदवार रहे अरुण जेटली को हार का सामना करना पड़ा था.


2014 में देश से अलग था यहां का रंग
1998 और फिर 2004 से 2009 तक लगातार बीजेपी के पास रही यह सीट 2014 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के हिस्‍से में आ गई. हालांकि 2014 में कांग्रेस ने पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह को उतारा था. जबकि बीजेपी ने अरुण जेटली को टिकट दी थी. लेकिन चुनाव परिणामों में कैप्‍टर सिंह ने जेटली काे बड़े अंतर से हराया. इस दौरान कैप्‍टन को 4,82,876 वोट मिले. जबकि अरुण जेटली 3,80,106 वोटों के साथ सीट हथियाने से वंचित रह गए. 82,633 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के दलजीत सिंह रहे.

नवजोत सिं‍ह सिद्धू ने बीजेपी में रहते हुए तीन बार यहां से जीत दर्ज की.
नवजोत सिं‍ह सिद्धू ने बीजेपी में रहते हुए तीन बार यहां से जीत दर्ज की.

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2017 में हुआ उपचुनाव
कैप्‍टन अमरिंदर के पंजाब राज्‍य की बागडोर संभालने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराए गए और जनता ने एक बार फिर कांग्रेस पर भरोसा दिलाते हुए गुरजीत सिंह औजला को बहुमत दिया. बीजेपी के रजिंदर मोहन सिंह छिना दूसरे नंबर पर रहे. इस दौरान दोनों पार्टियों के बीच करीब 20 फीसद वोट का फासला था.

सामाजिक ताना-बाना
अमृतसर लोकसभा के अंदर कुल 9 विधानसभा सीटें हैं. इसमें से 8 पर कांग्रेस का कब्जा है, जबकि एक सीट पर अकाली दल को जीत मिली है. 2014 के लोकसभा चुनाव के आधार पर अमृतसर में कुल 14,77,262 वोटर्स हैं, जिनमें 7,79,164 पुरुष और 6,98,098 महिला वोटर्स हैं.

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First published: April 29, 2019, 2:46 PM IST
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