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विवाहित होकर भी किसी अन्‍य के साथ सहमति संबंध में रहना अपराध नहीं: कोर्ट

पंजाब और हरियाण हाईकोर्ट प्रेमी जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया.

पंजाब और हरियाण हाईकोर्ट प्रेमी जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया.

पंजाब और हरियाण हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने मामले की सुनवाई करते हुए खन्‍ना के एसएसपी (Love Couple) को प्रेमी जोड़े को सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है. कोर्ट ने कहा, संविधान हर किसी को जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा का अधिकार देता है.

  • News18Hindi
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    चंडीगढ़. पंजाब और हरियाण हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने एक अहम फैसले की सुनवाई करते हुए कहा, अगर प्रेमी जोड़े (Love Couple) में से कोई एक शादीशुदा है तो भी उन्‍हें सुरक्षा (Security) देने से इनकार नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए खन्‍ना के एसएसपी को प्रेमी जोड़े को सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है. कोर्ट ने कहा, संविधान हर किसी को जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा का अधिकार देता है.

    याचिका दाखिल करते हुए जोड़े ने हाईकोर्ट को बताया कि प्रेमी पहले से शादीशुदा है और उसका तलाक हाईकोर्ट में लंबित है. प्रेमी जोड़ा सहमति से संबंध में हैं और याची की पत्‍नी और उनके घरवालों से जोड़े को जान का खतरा है. प्रेमी जोड़े ने बताया कि पत्‍नी की शिकायत के आधार पर समराला के एसएचओ लगातार उसे परेशान कर रहे हैं. बता दें कि सुनवाई के दौराना हाईकोर्ट के सामने अनीता व अन्‍य बनाम उत्‍तर प्रदेश सरकार से जुड़ा इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक आदेश रखा गया था, जिसमें कोर्ट की ओर से कहा गया था कि अगर जोड़े में से कोई एक भी पहले से शादीशुदा है तो उन्हें सुरक्षा नहीं दी जा सकती.

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    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि वह इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का सम्‍मान करते हैं लेकिन इस आदेश से वह सहमत नहीं हैं. कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 497 को असंवैधानिक बता चुका है और ऐसे में प्रेमी जोड़े को सुरक्षा देने से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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    हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी जो जोड़े का सहमति संबंध में रहना किसी भी स्थिति में गैर कानूनी नहीं है. अगर दो बालिग सहमति से एक साथ रहने को तैयार हैं तो उसे अपराध नहीं कहा जा सकता. हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है.

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