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नगर निगम के कचरे से ईको फ्यूल बनाएगी पंजाब सरकार, डीजल की जगह होगा इस्‍तेमाल

नगर निगम के कचरे से ईको फ्यूल बनाएगी पंजाब सरकार, डीजल की जगह होगा इस्‍तेमाल

पंजाब सरकार नगर निगम के ठोस कचरे से ईको फ्यूल बनाने पर काम कर रही है.

पंजाब सरकार नगर निगम के ठोस कचरे से ईको फ्यूल बनाने पर काम कर रही है.

ईको-फ्यूल का प्रयोग पावर स्टेशनों और भट्टों में कोयले, भारी ईंधन, डीज़ल, गैस और अन्य उच्च कार्बन या महंगे ईंधन स्रोतों की पूर्ति के लिए किया जा सकता है और इससे लोगों को काफी लाभ हो सकता है.

  • News18Hindi
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चंडीगढ़. पंजाब सरकार नगर निगम के अवशिष्‍ट से ईको फ्यूल बनाने की प्रक्रिया पर विचार कर रही है. इसके लिए पंजाब के सीएम भगवंत मान ने आस्ट्रेलियाई कंपनी के साथ बैठक की है. जिसमें नगर निगम के कचरे से निकलने वाले ठोस अवशेष की प्रोसेसिंग से ईको फ्यूल बनाया जाएगा. ऑस्‍ट्रेलियाई कंपनी ने भी इसके लिए पंजाब में प्लांट स्थापित करने के रुचि दिखाई है. वहीं मुख्यमंत्री की तरफ से स्थानीय निकाय विभाग को म्‍यूनिसिपल ठोस अवशेष को इको-फ्यूल में बदलने की संभावना का पता लगाने के निर्देश दिए हैं.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय विभाग को आस्ट्रेलियाई कंपनी के साथ रणनीति समझौते के द्वारा म्‍यूनिसिपल ठोस अवशेष को उच्च कैलोरीफिक ईको-फ्यूल में तबदील करने की संभावना का पता लगाने के लिए कहा है. सीएम ने नगर निगम ठोस अवशेष के साथ वैज्ञानिक ढंग से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए कहा है. इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय निकाय विभाग को एक आस्ट्रेलियाई कंपनी के साथ ठोस अवशेष को इको-फ्यूल में तब्‍दील करने सम्बन्धी प्रोजेक्ट के विवरणों का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए.

भगवंत मान ने उम्‍मीद जताते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट राज्य के शहरी क्षेत्रों में ठोस अवशेष की गंभीर समस्या को हल करने के लिए एक उत्प्रेरक के तौर पर काम कर सकता है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर ईको-फ्यूल से पैदा होने वाले पदार्थों की जांच करने के लिए भी कहा जिससे इस प्रौद्यौगिकी के भारतीय स्थितियों के अनुसार टिकाऊपन और रेगुलेटरी नियमों की पालना का पता लगाया जा सके.

ऐसे होगा ईको-फ्यूल का इस्‍तेमाल 

सीएम ने कहा कि राज्य के शहरों को साफ-सुथरा, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ठोस अवशेष प्रबंधन समय की जरूरत है. भगवंत मान ने जोर देकर कहा कि ईको-फ्यूल का प्रयोग पावर स्टेशनों और भट्टों में कोयले, भारी ईंधन, डीज़ल, गैस और अन्य उच्च कार्बन या महंगे ईंधन स्रोतों की पूर्ति के लिए किया जा सकता है और इससे लोगों को काफी लाभ हो सकता है.

इससे पहले मैसर्स कंटीन्यूम एनर्जी, आस्ट्रेलिया के डायरेक्टर रसल टैटम ने म्युंसपल ठोस अवशेष को उच्च कैलोरीफिक ईको-फ्यूल में बदलने की प्रक्रिया के बारे विस्तृत पेशकारी दी. कंपनी ने शुरुआती तौर पर 1000 टन प्रति दिन ताजे म्‍यूनिसिपल ठोस अवशेष को ईको-फ्यूल बदलने के लिए पंजाब में प्लांट स्थापित करने में गहरी रूचि प्रकट की है.

Tags: CNG, Diesel, Fuel prices in India, Municipal Corporation

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