पंजाब: नकली रैमडेसिविर की कालाबाजारी का पर्दाफाश, 2 करोड़ की नकदी के साथ 6 गिरफ्तार

गिरोह के पास से बरामद की गईं नकली रेमडेसिवरि की शीशियां.

पिछले महीने 6 मई को रूपनगर के गांव सलेमपुर और बालसन्दा में भाखड़ा नहर से 3000 वाइलें जिसमें 621 रेमडेसिवीर (Remdesivir) और 1456 सेफोपेराजोन के अलावा 849 बिना नाम वाली शीशियां बरामद की थी.

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    चंडीगढ़. पंजाब की रोपड़ पुलिस ने नकली रेमडेसिवीर (Remdesivir) बनाने वाले करोड़ों रुपए के अंतरराज्यीय रैकेट (Inter-State Racket) का पर्दाफाश किया है. इस रैकेट को चलाने वाले मास्टरमाइंड (Mastermind) सहित पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनसे वाइल्स (शीशियां) को बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए डिजाइन और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की है.

    पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पिछले महीने 6 मई को रूपनगर के गांव सलेमपुर और बालसन्दा में भाखड़ा नहर से 3000 वाइलें जिसमें 621 रेमडेसिवीर और 1456 सेफोपेराजोन के अलावा 849 बिना नाम वाली शीशियां बरामद की थी. जिसके बाद  एस.पी. हैडक्वाटर डा. अंकुर गुप्ता के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) का गठन किया गया था. जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है. पिछले महीने भाखड़ा नहर में शीशियों की बरामदगी के बाद मामले की जांच के लिए गठित की गई एस.आई.टी. ने बरामद की गई शीशियों पर लिखे पते का पता लगाया जो मालोआ के नौटविन्स फार्मास्यूटिकल्स का था. डीजीपी ने आगे कहा कि फार्मास्यूटिकल्स के मालिक से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस को समूची साजिश को बेनकाब करने और अपराधी की पहचान करने में मदद मिली. इनमें से एक दोषी मुहम्मद शाहवर ने दस महीने पहले दवाओं का स्टॉक रखने के लिए गांव मलोआ में किराए पर जगह ली थी.

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    ऐसे हुआ पर्दाफाश
    उक्त फार्मास्यूटिकल्स के मालिक ने यह भी खुलासा किया कि दिल्ली, पानीपत, अम्बाला सहित विभिन्न पुलिस इकाइयों ने अपराधियों के ठिकानों का पता लगाने के लिए वहां छापेमारी की थी. डीजीपी कहा कि अन्य राज्यों में उनके कामकाज वाले ठिकानों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है और बरामद की शीशियों के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए सी.डी.एस.सी.ओ, कोलकाता भेजे गए हैं जिससे यह पता लगाया जा सके कि इन जाली दवाओं में कौन से पदार्थ/रसायनों का प्रयोग किया जा रहा था. इसके अलावा मुहम्मद शाहवर और उसके सहयोगी जिसकी पहचान शाह नाजर के तौर पर हुई है और जो इन नकली टीकों की सप्लाई का मुख्य दोषी है, को नामजद करने के बाद, रोपड़ पुलिस ने और जानकारी हासिल करने के लिए शाहवार के मुख्यालय और घर काला अंब में छापेमारी की. गुप्ता ने बताया कि इस दौरान शाहवर फरार होने में कामयाब हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए कम से कम एक महीने के लिए वह गोआ, बैंगलोर, यू.पी, दिल्ली और अन्य कई स्थानों पर छिपा रहा.

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    दो करोड़ रुपये के साथ कई गाड़ियां भी बरामद
    इसके अलावा दोषियों से 2 करोड़ रुपए की नकदी और मारुति बलेनो (यू.पी. 12 बीबी 6710), टोयोटा इटिओस (यू.के. 08 एसी 2561), हुंडई आई 20 (पी.बी. 65 एयू 5784) और मारुति स्विफ्ट डिजायर (सी.एच. 01 एक्स 7862) सहित चार गाड़ियां भी बरामद की हैं.

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