डिप्टी सीएम के पद का लालच देकर दलितों को गुमराह कर रहे हैं सुखबीर बादल: कैप्टन अमरिंदर

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (पीटीआई फाइल फोटो)

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (पीटीआई फाइल फोटो)

Punjab Latest News: कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान एस.सी. भाईचारा 10 सालों से राज्य में जीने के लिए संघर्ष कर रहा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 6:28 PM IST
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चंडीगढ़. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल (Shiromani Akali Dal chief Sukhbir Badal) के उस बयान को चुनावी हथकंडा बताया है जिसमें उन्होंने कहा है कि शिअद (SAD) की सरकार बनती है तो डिप्टी सीएम दलित परिवार से बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि अकाली और भाजपा सरकार ने अपने दस साल के कार्यकाल में दलित भाईचारे के लिए कुछ भी नहीं किया. अब आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अकाली दल राजनीतिक ड्रामेबाजी (Political drama) कर रहा है.

किसानों के मुद्दे पर राज्य के लोगों में गुस्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखबीर बादल अब उप मुख्यमंत्री का पद देने का वादा कर रहे हैं परंतु उसके पास अपनी पार्टी द्वारा एस. सी. भाईचारे के लिए किए गए कार्यों को दिखाने के नाम पर कुछ भी नहीं है. कैप्टन ने इस वादे को वोट के मद्देनजर लोगों को गुमराह करने की एक राजनीतिक चाल बताया है. उन्होंने आगे कहा कि यह हैरत की बात है कि अब भाजपा द्वारा भी पंजाब के लोगों द्वारा चुने जाने की सूरत में दलित मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह किसानों के मुद्दे पर राज्य के लोगों में भाजपा के खिलाफ गुस्सा है, उसे देखते हुए पार्टी के लिए एक भी विजेता उम्मीदवार ढूंढना दोनों पार्टियों के लिए एक चुनौती होगी.

10 सालों से संघर्ष कर रहा था एस.सी. भाईचारा
कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान एस.सी. भाईचारा 10 सालों से राज्य में जीने के लिए संघर्ष कर रहा था. अकालियों ने उनके लिए कुछ भी नहीं किया. अंबेडकर जयंती मनाने के लिए वर्चुअल राज्य स्तरीय समागम के दौरान बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद एक-एक कर एस.सी. भाईचारे से किए सभी चुनावी वादों को लागू करने का अमल शुरू किया है. सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में शगुन स्कीम की राशि साल 2002 में 5100 रुपये से बढ़ा कर साल 2006 में 15000 रुपये की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा द्वारा इसमें कोई वृद्धि नहीं की गई. उन्होंने कहा कि सरकार ने दोबारा यह रकम बढ़ा कर 51,000 रुपये (1 जुलाई, 2021 से लागू) की. उन्होंने बताया कि मार्च 2017 में सत्ता संभालने से लेकर उनकी सरकार ने 1.95 लाख व्यक्तियों को 409 करोड़ रुपये की अदायगी की है.
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