कांग्रेस में उठते विरोधी सुर के बीच कैप्टन ने AAP के तीन बागी विधायकों को पार्टी में किया शामिल

आप के तीन बागी विधायकों के साथ पंजाब के सीएम

आप के तीन बागी विधायकों के साथ पंजाब के सीएम

पंजाब में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं. प्रदेश कांग्रेस का एक धड़ा जहां बेअदबी और ड्रग्स के मुद्दों पर अपनी ही सरकार को घेर रहा है. इसी बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिेदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के तीन बागी विधायकों को कांग्रेस में शामिल करवाया है.

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चंडीगढ़. पंजाब में चुनावी गतिविधियां (Election activities) तेज हो गई हैं. प्रदेश कांग्रेस का एक धड़ा जहां बेअदबी और ड्रग्स के मुद्दों पर अपनी ही सरकार को घेर रहा है, इसी बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिेदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के तीन बागी विधायकों सुखपाल खैहरा (Sukhpal Khaira), पीरामल सिंह (Piramal Singh) और जगदेव सिंह कमालू (Jagdev Singh Kamalu) कांग्रेस में शामिल करवाया है.

बताया जा रहा है कि तीनों विधायकों को पार्टी में शामिल करवाने की स्वीकृति कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी Congress National President Sonia Gandhi ने पहले ही दे दी थी. पार्टी में चल रही खींचतान के बीच तीनों विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने के बाद ही कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस आलाकमान (Congress high command) के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए रवाना हुए हैं.

विपक्ष के नेता रहे हैं खैहरा

सुखपाल खैहरा पहले कांग्रेस मे ही थे. उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर भुलत्थ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी जीता था. कैप्टन अमरिंदर सिंह से तालमेल न बैठने पर उन्होंने 2015 में पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली थी. यह ऐसा समय था जब आम आदमी पार्टी ये मानकर चल रही थी कि 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत उसकी ही होगी. सरकार तो नहीं बन पाई थी लेकिन चुनाव में खैहरा विधायक का चुनाव जीत गए थे. आप ने एचएस फुलका को नेता प्रतिपक्ष बनाया लेकिन महज 4 महीने के बाद ही फुलका ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. जिसके सुखपाल खैहरा विपक्ष के नेता रहे.


केजरीवाल से हो गया था विवाद

खैहरा का अरविंद केजरीवाल से अकाली दल के विधायक व पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया से ड्रग्स के मामले में माफी मांगने पर विवाद हो गया था. जिसके बाद आप के आठ विधायकों ने बागी होकर अपना अलग ग्रुप तैयार किया था. इस बीच आप ने इन विधायकों को निलंबित कर दिया. इसी ग्रुप में कमालू और पीरामल सिंह भी थे. खैहरा ने 2019 में आप से इस्तीफा देकर पंजाबी एकता पार्टी बनाई और बठिंडा से लोक सभा चुनाव लड़े थे. जहां उनकी जमानत तक जब्त हो गई. इसके बाद उन्होंने अब अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है.

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