अकालियों के धरनों को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया ड्रामेबाजी, बोले-राज्य में खो चुके हैं अपनी साख

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (पीटीआई फाइल फोटो)

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (पीटीआई फाइल फोटो)

Punjab News: कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि बादलों के शासन दौरान अमन-कानून की व्यवस्था तबाह हो गई थी जब गैंगस्टर और गुंडे राज्य की गलियों में दनदनाते हुए घूमते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 5, 2021, 11:04 AM IST
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चंडीगढ़. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के योजनाबद्ध प्रदर्शनों को अकालियों का नौटंकी बताया है. उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ऐसा करके बौखलाहट में अपनी खोई हुई साख को वापिस हासिल करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि खेती कानूनों पर बेशर्मी के साथ अपनाए दोहरे मापदंडों की पोल खुलने के कारण अकाली अपनी छवि पूरी तरह खराब करवा चुके हैं.

राज्य में खो चुके हैं नैतिक आधार
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में चल रहे किसान आंदोलन समेत अन्य कई बड़े मुद्दों पर दोहरी भाषा के कारण शिरोमणि अकाली दल राज्य में नैतिक आधार खो चुका है. अब शिअद राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव (upcoming Assembly elections) से पहले लोगों की नजरों में अच्छा साबित करने की पूरी कोशिश कर रहा है. कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अधिक बिजली दरों, तेल पर अधिक टैक्स और अमन-कानून की व्यवस्था के बारे अकालियों के प्रचार को हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि यह अकाली दल ही है जिसने भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के सहयोग से अपने 10 सालों के शासन के दौरान पंजाब को ऐसे हालात में धकेल दिया है.

गैंगस्टर और गुंडों से दिलाई राहत
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि बादलों के शासन के दौरान अमन-कानून की व्यवस्था तबाह हो गई थी जब गैंगस्टर और गुंडे राज्य की गलियों में दनदनाते हुए घूमते थे. जबकि पंजाब को अब ऐसे तत्वों से राहत मिली है. उन्होंने कहा कि कोविड के संकट (Covid crisis) के बावजूद उनकी सरकार वित्तीय मार्चे पर पकड़ बना रही है और पिछले 15 सालों में पहली बार राज्य के खजाने की ओर कोई बकाया देनदारी नहीं है. उन्होंने कहा कि लोग जमीनी स्तर पर हुए बदलाव देख सकते हैं. जहां नशे और माफियाओं ने पारदर्शी शासन के समाने घुटने टेक दिए हैं, वहीं राज्य में सभी सामाजिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है.



अकालियों द्वारा मौजूदा सरकार पर पोस्ट- मैट्रिक एस.सी. स्कॉलरशिप (post-matric SC scholarship) वापस लेने वाले आरोपों को भी कैप्टन ने निराधार बताया. अकालियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि क्या वह भूल गए हैं कि जब स्कॉलरशिप स्कीम को खत्म किया गया था, तब वह (अकाली) केंद्र सरकार के सहयोगी होते थे? उन्होंने कहा कि वास्तव में उनकी सरकार ने समाज के एस.सी./एस.टी. वर्ग के लिए किये अन्य उपायों समेत स्कीम को बहाल किया है.
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