किसानों के बैंक खातों में सीधी अदायगी का कैप्टन ने किया विरोध, PM को लिखी चिट्‌ठी

किसानों के बैंक खातों में सीधी अदायगी (डीबीटी) योजना का मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कड़ा विरोध किया है.

किसानों के बैंक खातों में सीधी अदायगी (डीबीटी) योजना का मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कड़ा विरोध किया है.

आढ़तियों और किसानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का हवाला देते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने सवाल किया कि जब यह व्यवस्था बहुत बढ़िया चल रही है तो इसे क्यों बदला जा रहा है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 10:48 AM IST
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चंडीगढ़. किसानों के बैंक खातों में सीधी अदायगी (डीबीटी) योजना का मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने कड़ा विरोध किया है. उन्होंने योजना को कम-से-कम एक साल के लिए स्थगित करने की अपील की है. उन्होंने इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को एक पत्र भी लिखा है.

मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मीटिंग के लिए समय मांगा है. आढ़तियों और किसानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का हवाला देते हुए कैप्टन ने सवाल किया कि जब यह व्यवस्था बहुत बढ़िया चल रही है तो इसे क्यों बदला जा रहा है? एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 50 प्रतिशत किसान अपनी जमीन ठेके पर देते हैं तो इस तरह ठेके पर जमीन जोतने वालों को डीबीटी के द्वारा पैसा कैसे मिलेगा.

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अपने पत्र में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री का ध्यान मंत्रालय के दिशा-निर्देशों की तरफ खींचा है जिसमें पंजाब सरकार को किसानों को सीधी अदायगी और जमीन के मालिकों और जोतने वालों के विवरण ऑनलाइन जमा करवाने है. उन्होंने कहा कि पंजाब में किसानों और कमीशन एजेंटों (आढ़तियों) बीच 60 साल पुराने संबंध हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से राज्य की खरीद एजेंसियां और एफसीआई केंद्रीय पूल के लिए अनाज की खरीद कर रही हैं.



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उन्होंने कहा कि किसानों ने कभी भी एमएसपी की अदायगी न होने की शिकायत नहीं की है और राज्य सरकार इन आढ़तियों के द्वारा ही किसानों को ऑनलाइन अदायगी सुनिश्चित बना रही है. उन्होंने कहा कि यह किसानों के दरमियान अनावश्यक बेचैनी और गुस्से का कारण बन सकती है. कैप्टन कहा कि इस दिशा में प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के अंतर्गत सॉफ्टवेयर को लाने में भी काफी समय लगेगा.
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