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सिद्धू की मांग के बाद कैप्टन बोले- समझौते रद्द किए तो कहां से आएगी 14,000 मेगावाट बिजली

कैप्टन ने यह भी संकेत दिए कि यदि सरकार सभी बिजली समझौतों को रद्द करने की कोशिश करेगी तो यह मामला अदालत में चला जाएगा. (फाइल फोटो: News18 English)

कैप्टन ने यह भी संकेत दिए कि यदि सरकार सभी बिजली समझौतों को रद्द करने की कोशिश करेगी तो यह मामला अदालत में चला जाएगा. (फाइल फोटो: News18 English)

Punjab Power Issue: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब को 14,000 मेगावाट बिजली की जरूरत है और राष्ट्रीय ग्रिड से केवल 7,000 मेगावाट बिजली खरीदी जा सकती है, इसलिए सभी पीपीए रद्द नहीं किए जा सकते.

  • News18Hindi
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    चंडीगढ़. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने कहा है कि सभी 122 बिजली खरीद समझौते (पीपीए) को रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि इसके कानूनी प्रभाव होंगे. उन्होंने कहा कि सभी समझौते रद्द कर दिए तो 14 हजार मेगावाट बिजली (14 thousand MW power) कहां से आएगी? सीएम का यह जवाब पीसीसी अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) द्वारा पीपीए को खत्म करने को कानून लाने की मांग के बाद आया है.

    कैप्टन ने कहा कि पंजाब को 14,000 मेगावाट बिजली की जरूरत है और राष्ट्रीय ग्रिड से केवल 7,000 मेगावाट बिजली खरीदी जा सकती है, इसलिए सभी पीपीए रद्द नहीं किए जा सकते. उन्होंने कहा कि हमने उनमें से कुछ को दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के साथ उच्च दरों पर हस्ताक्षरित पीपीए की तरह बिजली दरों को कम करने के लिए कहा है, जो प्रति यूनिट 12.50 पैसे चार्ज कर रहा था.

    यह भी पढ़ें: MP: ऊर्जा मंत्री की ‘सेवा’ में लगे बिजली विभाग के 96 कर्मचारी, काम के लिए स्टाफ की कमी बरकरार

    कैप्टन ने यह भी संकेत दिए कि यदि सरकार सभी बिजली समझौतों को रद्द करने की कोशिश करेगी तो यह मामला अदालत में चला जाएगा और कई वर्षों तक लंबी लड़ाई लड़ने पड़ सकती है. सीएम ने कहा, सभी समझौते रद्द कर दिए तो कानूनी लड़ाई के चक्कर में सालों साल सुप्रीम कोर्ट में ही बैठा रहूंगा.

    आप के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता (एलओपी) हरपाल सिंह चीमा ने भी मांग की कि 3 सितंबर को होने वाले एक दिवसीय विधानसभा सत्र को कम से कम 15 दिनों के लिए बढ़ाया जाए ताकि कृषि संकट, महंगी बिजली सहित सभी प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो सके. विधानसभा के लंबे सत्र की मांग ठुकराते हुए सीएम ने कहा कि नौंवी पातशाही श्री गुरु तेग बहादुर के प्रकाश पर्व पर 3 सितंबर को एक दिन का ही मानसून सत्र होगा. इसके कुछ दिन बाद दोबारा सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें सामान्य कामकाज होगा. अगला सत्र कब होगा, इसका फैसला आगामी कैबिनेट मीटिंग में लिया जाएगा.

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