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किसान आंदोलन में बल प्रयोग के खिलाफ युवा कांग्रेस ने घेरा CM खट्टर का घर, वॉटर कैनन से पुलिस ने किया तितर-बितर

चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh) ने कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (ML Khattar) के आवास तक मार्च करने के लिए अवरोधक पार करने की कोशिश कर रहे पंजाब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार छोड़ी.
चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh) ने कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (ML Khattar) के आवास तक मार्च करने के लिए अवरोधक पार करने की कोशिश कर रहे पंजाब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार छोड़ी.

चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh) ने कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (ML Khattar) के आवास तक मार्च करने के लिए अवरोधक पार करने की कोशिश कर रहे पंजाब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार छोड़ी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 3:22 PM IST
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नई दिल्ली/चंडीगढ़. केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तीन किसान कानून (Farm Bills) बनाए जाने के बाद दिल्ली कूच करने वाले किसानों पर हरियाणा  (Kisaan Aandolan Haryana) सीमा पर बल प्रयोग का युवा कांग्रेस ने विरोध किया है. राजधानी चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आवास का घेराव किया. युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग थी कि खट्टर किसानों पर किए गए बल प्रयोग के लिए माफी मांगें. हालांकि, पुलिस ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की भीड़ को तितर बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया.

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान कि किसानों के खिलाफ पानी बौछार, आंसू गैसे के गोले का इस्तेमाल बल प्रयोग नहीं है, को लेकर निशाना साधा. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'न्याय पाने के लिए अपने घरों से निकले किसानों पर महामारी के दौर में कड़ाके की ठंड और खुले आसमान के नीचे ठंडे पानी की बौछार करना कोई छोटी कार्रवाई नहीं है, यह अमानवीय है.'





हुड्डा ने मुख्यमंत्री खट्टर पर निशाना साधा
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता हुड्डा ने कहा, 'मुख्यमंत्री को पता होना चाहिए कि आंदोलन में भाग ले रहे बुजुर्ग किसानों के लिए आंसू गैस के गोले कितने घातक साबित हो सकते हैं.' उन्होंने एक बयान में कहा, 'चार दिन पहले किसान अपनी मांगें लेकर दिल्ली जा रहे थे, उनका हरियाणा सरकार के साथ कोई मतभेद नहीं था और ना हीं वे हरियाणा में धरना दे रहे थे.'

बयान के अनुसार, 'उनकी मांगें केन्द्र सरकार से थीं और ऐसे हालात में हरियाणा सरकार को किसानों को राष्ट्रीय राजधानी जाने से रोकने का कोई अधिकार नहीं था. इसके बावजूद सरकार ने किसानों को रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया.'

हरियाणा में दर्ज मामलों को भी वापस लेने की मांग
किसानों को शुरुआत में पंजाब-हरियाणा सीमा पर रोकने के हरियाणा प्रशासन के फैसले को सही ठहराते हुए हिसार में रविवार को खट्टर ने कहा, 'हमने उन्हें रोका और बताया कि दिल्ली में इतने बड़े जमावड़े की कोई अनुमति नहीं देगा, लेकिन उन्होंने हमारी नहीं सुनी और जबरन आगे बढ़े.'

खट्टर ने कहा, 'हमने कहा कि हम बल प्रयोग नहीं करेंगे. और पानी की बौछार तथा आंसू गैस के गोले दागने को मैं बल प्रयोग नहीं मानता. हुड्डा ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च के दौरान किसानों के खिलाफ हरियाणा में दर्ज मामलों को भी वापस लेने की मांग की.
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