लाइव टीवी

हौसले को सलाम! 83 साल के बुज़ुर्ग ने इंग्लिश से MA कर गुरु का सपना पूरा किया

News18Hindi
Updated: September 24, 2019, 11:56 AM IST
हौसले को सलाम! 83 साल के बुज़ुर्ग ने इंग्लिश से MA कर गुरु का सपना पूरा किया
बुजुर्ग के मुताबिक यह डिग्री हासिल करने से पहले उन्हें लगता था कि अभी उनकी विद्या अधूरी है जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने एमए इंग्लिश की डिग्री हासिल कर अपनी 61 साल पहले की अधूरी ख्वाइश पूरी कर ली है.

सोहन सिंह गिल के मुताबिक यह डिग्री हासिल करने से पहले उन्हें लगता था कि अभी उनकी विद्या अधूरी है जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने एमए इंग्लिश की डिग्री हासिल कर अपनी 61 साल पहले की अधूरी ख्वाइश पूरी की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2019, 11:56 AM IST
  • Share this:
होशियारपुर. कहावत है, अगर मन में कुछ करने की तमन्ना हो तो उम्र कभी आड़े नहीं आती, ऐसा ही कुछ कर दिखाया है पंजाब (Punjab) के होशियारपुर (Hoshiarpur) जिले के रहने वाले 83 साल के बुजुर्ग सोहन सिंह गिल (Sohan Singh Gill) ने. बुजुर्ग गिल ने इस उम्र में एमए इंग्लिश (MA English) की डिग्री हासिल कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है. उनके मुताबिक यह डिग्री हासिल करने से पहले उन्हें लगता था कि अभी उनकी विद्या अधूरी है जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने एमए इंग्लिश की डिग्री हासिल कर अपनी 61 साल पहले की अधूरी ख्वाइश पूरी की.

कस्बा चब्बेवाल के दाता गांव के रहने वाले सोहन सिंह गिल का जन्म 15 अगस्त, 1936 को हुआ था. उनकी शुरुआती शिक्षा पंडोरी गंगा सिंह स्कूल में हुई. यहां दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने बीए की शिक्षा खालसा कॉलेज महिलपुर से हासिल की.

लवली यूनिवर्सिटी ने गिल को दे दी डिग्री
वर्ष 1958 में अपने कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल की अपील पर सोहन सिंह गिल ने एमए करने का मन बनाया लेकिन अक्टूबर 1958 में वो अपनी पत्नी संग अफ्रीकी देश केन्या चले गए. यहां रहकर उन्होंने 33 साल नौकरी की और 1991 में स्वदेश लौट आए, लेकिन वो अपने वाइस प्रिंसिपल की बात भूले नहीं थे. उनके मन में उनकी कही बात लगातार चल रही थी. वर्ष 2018 में सोहन सिंह गिल ने एमए करने की तैयारी शुरू की और उसे पूरा कर दिखाया. एमए पास होने के बाद उन्हें लवली यूनिवर्सटी से डिग्री मिल गई. सोहन सिंह का एक बेटा है जो विदेश में अपने परिवार से साथ रहता है. गिल के मुताबिक वो दोनों पति-पत्नी गांव में अकेले रहते हैं. उन्हें कुछ पेंशन मिलती है. गांव में उनकी कुछ जमीन है जिससे होने वाली आमदनी से उनका गुजारा चल जाता है.

गिल ने हासिल किए 67% अंक
सोहन सिंह गिल ने कहा कि पढ़ने और लिखने की कोई उम्र नहीं होती. उनकी तमन्ना थी कि वो एमए कर लें. उन्होंने मन में ठान लिया और अपनी और अपने वाइस प्रिंसिपल की इच्छा पूरी कर ली और 67 प्रतिशत अंक हासिल कर लिए. गिल ने कहा कि किसी भी उम्र में शिक्षा हासिल की जा सकती है. 83 साल के सोहन सिंह गिल का यह जज्बा उनके लिए सीख है जो उम्र का बहाना बनाकर शिक्षा से किनारा कर बैठते हैं. ऐसे छात्रों और लोगों के लिए उन्होंने एक आदर्श प्रस्तुत किया है.

ये भी पढ़ें -
Loading...

जन्म प्रमाण पत्र मामला: आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया समन

OMG! बिना पेट्रोल के चलती है यह बाइक, खासियतें जानकर आप रह जाएंगे हैरान

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंडीगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 23, 2019, 10:21 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...