Breaking: पंजाब में सोमवार से चलेंगी पैसेंजर ट्रेन, कृषि कानूनों पर CM और किसान संगठनों में बनी सहमति

कृषि कानूनों पर पंजाब के मुख्यमंत्री और किसान संगठन में सहमती बन गई है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर-PTI)
कृषि कानूनों पर पंजाब के मुख्यमंत्री और किसान संगठन में सहमती बन गई है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर-PTI)

Punjab Farmers Agree to Allow Passenger Train: पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह से बैठक के बाद किसान संगठन पैसेंजर ट्रेनों के संचालन पर सहमत हो गए हैं. सभी पैसेंजर ट्रेन सोमवार से चलेंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2020, 5:57 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) के साथ बैठक के दौरान किसान संगठन (Farmers Organisations) पैसेंजर ट्रेनें (Passenger Train) चलाने को राजी हो गए हैं. किसान संगठनों ने पैसेंजर ट्रेन चलाने का रास्ता साफ कर दिया है. पैसेंजर ट्रेनों के लिए सोमवार से सभी रेलवे ट्रैक खाली कर दिए जाएंगे. कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने ट्वीट किया, 'पंजाब के किसानों ने 23 नवंबर से पूरी तरह से मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों को चलाने पर अपनी सहमति दे दी है. मुख्‍यमंत्री से मुलाकात के बाद किसान संगठनों ने ये फैसला लिया है.'

बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. पंजाब में किसानों ने 25 सितंबर को कई सड़क और रेल यातायात बंद कर दिए थे. इसके बाद सड़क से अपना आंदोलन वापस ले लिया गया लेकिन रेलवे ट्रैक पर इनका विरोध प्रदर्शन जारी था. किसानों ने कई जगह ट्रैक पर टेंट भी लगा दिया था. पिछले काफी समय से राज्‍य में पैसेंजर ट्रेन नहीं चल रही थी. किसान संगठनों के आंदोलन के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि आज मुख्‍यमंत्री से बातचीत में किसान संगठन सभी रेलवे ट्रैक खाली करने पर सहमत हो गए हैं.

पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण 2,220 करोड़ रुपये का नुकसान: रेलवे
रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा जारी विरोध के कारण उसे यात्री राजस्व में 67 करोड़ रुपये सहित 2,220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उसने कहा कि 24 सितम्बर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के कारण 3,850 मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है. अब तक 2,352 यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया या उनके मार्ग में परिवर्तन किया गया. प्रदर्शनकारी किसानों और रेलवे के बीच अभी गतिरोध बना हुआ है क्योंकि रेलवे ने प्रदर्शनकारियों के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है कि राज्य में केवल मालगाड़ियों को ही चलने दिया जायेगा.
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रेलवे ने कहा, 'यात्री ट्रेनों को रद्द करने के कारण राजस्व घाटा 67 करोड़ रुपये है. आईआर स्तर पर कमाई का कुल नुकसान 2,220 करोड़ रुपये है.' उसने कहा कि पंजाब के लिए लगभग 230 भरे हुए डिब्बे (रेक) इस समय राज्य के बाहर खड़े हैं. इनमें कोयले के 78 डिब्बे, उर्वरक के 34, सीमेंट और पेट्रोलियम, तेल के आठ और इस्पात और अन्य वस्तुओं को ले जाने वाले 102 कंटेनर शामिल हैं. रेलवे ने कहा कि पंजाब में ही लगभग 33 रेक फंसे हुए हैं. रेलवे ने कहा है कि उसे राज्य सरकार से पूर्ण गारंटी की आवश्यकता है कि कोई भी ट्रेन बाधित नहीं होगी और यात्री और मालगाड़ियों दोनों को ही चलने दिया जाएगा.

किसानों का हालांकि कहना है कि वे मालगाड़ियों को चलने देंगे लेकिन यात्री ट्रेनों के लिए कोई गारंटी नहीं दे सकते है. किसान सरकार द्वारा हाल में पारित कृषि संबंधी विधेयकों का विरोध कर रहे हैं.
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