गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने के मामले में अमरिंदर सिंह बोले- विदेश मंत्रलाय उठाए सख्त कदम
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गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने के मामले में अमरिंदर सिंह बोले- विदेश मंत्रलाय उठाए सख्त कदम
मौलवी ने गुरूद्वारे की जमीन पर कब्ज़ा किया

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने लाहौर में गुरुद्वारा (Lahore Gurudwara)को मस्जिद में तब्दील करने के कथित प्रयासों को लेकर पाकिस्तान के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है.

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चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amrinder Singh) ने पाकिस्तान के लाहौर () शहर में एक प्रसिद्ध गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने के कथित प्रयासों की मंगलवार को निंदा की. सिंह ने एक ट्वीट में कहा, ‘ लाहौर में पवित्र श्री शहीदी स्थान गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने के प्रयासों की कड़ी निंदा करता हूं. यह स्थान भाई तारू सिंह जी का शहादत स्थल है. विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर से अपील करता हूं कि वह पंजाब की इस चिंता को सख्ती से पाकिस्तान के समक्ष उठाते हुए सिखों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहें.’

गुरुद्वारा शहीदी स्थान एक ऐतिहासिक स्थल है, यहां भाई तारू सिंह ने 1745 में सर्वोच्च बलिदान दिया था. भारत ने नौलखा बाजार स्थित गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने के प्रयासों की खबरों के बाद सोमवार को पाकिस्तान उच्चायोग के समक्ष विरोध दर्ज कराया.


इससे पहले भारत ने लाहौर के नौलखा बाजार स्थित एक प्रसिद्ध गुरुद्वारे को मस्जिद में तब्दील करने के प्रयासों की खबर को लेकर पाकिस्तान उच्चायोग के समक्ष सोमवार को कड़ा विरोध दर्ज कराया. यह जानकारी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने दी.



लाहौर में गुरुद्वारे को मस्जिद में तब्दील करने के कथित प्रयासों पर भारत ने विरोध दर्ज कराया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘पाकिस्तानी उच्चायोग के समक्ष आज उस कथित घटना को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया कि पाकिस्तान के लाहौर के नौलखा बाज़ार स्थित भाई तारु सिंह जी के शहादत स्थल गुरुद्वारा 'शहीदी स्थान' को कथित तौर पर मस्जिद शहीद गंज स्थान होने का दावा किया गया है और उसे एक मस्जिद में तब्दील करने के प्रयास किये जा रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि भारत ने घटना को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और पाकिस्तान से कहा कि वह मामले की जांच करे और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाये.

श्रीवास्तव ने इस बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘पाकिस्तान से यह भी कहा गया है कि वह अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की सुरक्षा, हितों के साथ ही उनके धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करे.’ उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा शहीदी स्थान भाई तारु जी एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है जहां भाई तारु जी ने 1745 में सर्वोच्च बलिदान दिया था. उन्होंने कहा, ‘गुरुद्वारे श्रद्धा का स्थान है और इसे सिख समुदाय द्वारा पवित्र माना जाता है. इस घटना को भारत में गंभीर चिंता के साथ देखा गया है. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लिए न्याय की मांग की जा रही है.’
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