Coronavirus: पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर को सोमवार से खोलने को तैयार, 103 दिन से है बंद
Chandigarh-Punjab News in Hindi

Coronavirus: पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर को सोमवार से खोलने को तैयार, 103 दिन से है बंद
करतारपुर कॉरिडोर पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को करतारपुर स्थित दरबार साहेब से जोड़ता है. (AP)

भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan) की सरकारों ने गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित पवित्र गुरुद्वारे को जोड़ने के लिए कॉरिडोर (Kartarpur Sahib Corridor) बनाने का फैसला लिया था. करतारपुर कॉरिडोर की नींव 2018 में रखी गई थी. भारत में 26 नवंबर को और पाकिस्तान में 28 नवंबर को इसका शिलान्यास किया गया था.

  • Share this:
नई दिल्ली/जालंधर. कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच पाकिस्तान (Pakistan) सोमवार से करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Sahib Corridor) को दोबारा खोलने की तैयारी कर रहा है. भारत में कोरोना वायरस महामारी (Covid-19) के खतरे को देखते हुए 15 मार्च को करतारपुर कॉरिडोर को बंद करने का फैसला लिया गया था. इसे पहले 31 मार्च तक बंद किया गया था, लेकिन बाद में अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का फैसला किया गया. अब पूरे 103 दिन बाद सोमवार से करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा सिख श्रद्धालुओं के लिए खोला जा रहा है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को ट्वीट करके इसकी जानकारी दी. कुरैशी ने कहा, '29 जून को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि है. हम चाहते हैं कि इस दिन कॉरिडोर खुल जाए. इसके लिए हम भारत से बात कर रहे हैं.' बता दें कि लाहौर से करतारपुर साहिब की दूरी 120 किमी है. जबकि गुरदासपुर इलाके में भारतीय सीमा से यह 7 किलोमीटर दूर है.

दरअसल, भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित पवित्र गुरुद्वारे को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया था. करतारपुर कॉरिडोर की नींव 2018 में रखी गई थी. भारत में 26 नवंबर को और पाकिस्तान में 28 नवंबर को इसका शिलान्यास किया गया था. इसके बाद गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर 9 नवंबर 2019 को इसे जनता को समर्पित कर दिया गया.



कहां स्थित है कॉरिडोर?
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा रावी नदी के पास पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है. ये डेरा बाबा नानक से करीब 4 किलोमीटर दूर है. यहां गुरुनानक देव ने अपने जीवन के अंतिम 18 साल बिताए थे. करतारपुर कॉरिडोर शांति और धार्मिक सद्भावना का प्रतीक माना जाता है. दोनों देशों के बीच हुए समझौते में भारतीय पासपोर्ट धारकों और ओसीआई (भारतीय विदेशी नागरिकता) कार्ड धारकों के लिए वीज़ा मुक्त यात्रा, भारत के हिस्से को जोड़ने के लिए रावी नदी के डूबे क्षेत्र पर पुल निर्माण और रोज़ाना कम से कम पांच हज़ार श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाज़त शामिल है.

ये भी पढ़ें: राहत! पाकिस्तान में पिछले एक महीने में corona के सबसे कम मामले आए आज

बता दें कि ये करतारपुर कॉरिडोर पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को करतारपुर स्थित दरबार साहेब से जोड़ता है. इससे पहले लोगों को वीज़ा लेकर लाहौर के रास्ते दरबार साहेब जाना पड़ता था, जो एक लंबा रास्ता था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading