भारत बंद : पंजाब और हरियाणा में प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों को जाम किया, 4 शताब्दी ट्रेनें रद्द

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब और हरियाणा में 32 स्थानों पर रेल पटरियों को अवरूद्ध कर दिया. (फोटो- ANI)

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब और हरियाणा में 32 स्थानों पर रेल पटरियों को अवरूद्ध कर दिया. (फोटो- ANI)

Bharat Band: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दिल्ली के सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक बंद का आह्वान किया है

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  • Last Updated: March 26, 2021, 12:38 PM IST
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चंडीगढ़.  पिछले करीब चार महीनों से तीन नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संघों ने आज ‘भारत बंद’ बुलाया है. शुक्रवार को बंद का असर पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में दिख रहा है. प्रदर्शनकारियों ने पंजाब और हरियाणा में 32 स्थानों पर रेल पटरियों को अवरूद्ध कर दिया, जिससे रेल यातायात बाधित हुआ. रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि विरोध प्रदर्शनों के कारण चार शताब्दी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 31 अन्य ट्रेनें रुकी हुई हैं.

जिन 32 स्थानों पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई है, वे दिल्ली, अंबाला और फिरोजपुर रेलखंड के अंतर्गत आते हैं. उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया, 'सुबह नौ बजे आंदोलनकारी किसान 32 स्थानों पर बैठे हुए देखे गए हैं. अब तक कुल 31 ट्रेनों को रोका गया है. चार शताब्दी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.'

किसान बठिंडा, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला, मोहाली, रोहतक, झज्जर और भिवानी जिलों सहित दोनों राज्यों में कई जगहों पर कई राजमार्गों और सड़कों पर जमा हुए हैं. पंजाब के जीरकपुर और खरार कस्बों में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक समूह ने कहा कि वे एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को जाने की अनुमति दे रहे हैं.

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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दिल्ली के सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक बंद का आह्वान किया है. बता दें कि मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसान दिल्ली के सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर बीते करीब चार महीनों से डेरा डाले हुए हैं. ये किसान तीनों नए कृषि कानूनों को पूरी तरह से रद्द करने और अपनी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं.
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