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Punjab Drugs Case: जानें कौन हैं बिक्रम मजीठिया? कैसे हुआ 6 हजार करोड़ ड्रग्स केस का पर्दाफाश

Punjab Drugs Case: जानें कौन हैं बिक्रम मजीठिया? कैसे हुआ 6 हजार करोड़ ड्रग्स केस का पर्दाफाश

ये मामला NDPS एक्ट की धारा 25, 27 ए व 29 के तहत दर्ज किया गया है. इन धाराओं के तहत पुलिस मजीठिया को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है. (फोटो-@bsmajithia)

ये मामला NDPS एक्ट की धारा 25, 27 ए व 29 के तहत दर्ज किया गया है. इन धाराओं के तहत पुलिस मजीठिया को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है. (फोटो-@bsmajithia)

Punjab Drugs Case: पंजाब पुलिस ने 2013 में हजारों करोड़ के ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया था. मामले में बॉक्सर विजेंदर भी सुर्ख़ियों में रहा था. गिरफ्तार किंगपिन पूर्व DSP जगदीश भोला ने मीडिया के सामने ड्रग रैकेट में बिक्रम सिंह मजीठिया (Bikram Singh Majithia) के शामिल होने का आरोप लगा कर पंजाब की सियासत में भूचाल ला दिया था.

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    चंडीगढ़. पंजाब के मोहाली में ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (Bureau of Investigation) ने स्टेट क्राइम पुलिस थाने (State Crime Police Station) में पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया (senior Shiromani Akali Dal leader Bikram Singh Majithia) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. मजीठिया पंजाब की सियासत में छोटा नाम नहीं हैं. वह पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल (former Punjab Deputy CM Sukhbir Singh Badal) के साले (brother-in-law) व पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद हरसिमरत कौर (former Union Minister and MP Harsimrat Kaur) के भाई हैं. बिक्रम मजीठिया का जिस छह हजार करोड़ रुपये के ड्रग केस में नाम सामने आया था, उसका कोर्ट में निपटारा हो चुका है. हाल ही में यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब ADGP एसके अस्थाना अचानक मेडिकल लीव पर चले गए. जिसके बाद उनके डीजीपी को लिखे पत्र के कुछ अंश भी लीक हुए. जिसमें उन्होंने कहा था कि मजीठिया पर इस तरह कार्रवाई नहीं की जा सकती.

    ये मामला NDPS एक्ट की धारा 25, 27 ए व 29 के तहत दर्ज किया गया है. इन धाराओं के तहत पुलिस मजीठिया को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है. आईए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि कैसे और कब बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम ड्रग केस में सामने आया ….

    2013 में हुआ था ड्रग्स रैकेट का पदार्फाश
    रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब पुलिस ने साल 2013 में ड्रग्स रैकेट का पदार्फाश किया था. पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान और अर्जुन अवार्डी जगदीश भोला पंजाब पुलिस में उपाधीक्षक के पद कार्यरत थे. ड्रग्स रैकेट का खुलासा होने के बाद उन्हें 2012 में निलंबित कर दिया गया था. पंजाब पुलिस ने 700 करोड़ रुपये के ड्रग्स रैकेट के मामले में नवंबर 2013 में भोला को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इसके बाद ड्रग्स माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 6000 करोड़ रुपये के ड्रग्स रैकेट का पदार्फाश किया था. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने करोड़ों रुपयों के ड्रग्स रैकेट मामले में 2019 में जगदीश भोला को दोषी करार दिया था. इस मामले की शुरुआती जांच में बिक्रम मजीठिया का नाम सामने आया था.

    कोर्ट की कार्यवाही में कहीं भी नहीं आया मजीठिया का नाम
    मामले की शुरुआती जांच के दौरान पंजाब कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष व सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया था कि नशे के धंधे में शामिल आरोपी जगदीश सिंह भोला ने पंजाब के मंत्री मजीठिया का नाम लिया था, फिर मजीठिया को पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया गया. जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए ईडी ने समन भी भेजा था. इस मामले में कोर्ट की कार्यवाही के दौरान कहीं भी नाम नहीं आया था. यह मामला कोर्ट में डिसाइड हो चुका है. अब सवाल यह है कि मजीठिया के खिलाफ क्या कोई नया मामला दर्ज किया गया है.

    Tags: Drugs case, Punjab

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