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BJP-कांग्रेस ने किसान आंदोलन को नुकसान पहुंचाने के लिए गठजोड़ कर लिया है: सुखबीर सिंह बादल

सुखबीर सिंह बादल ने भाजपा और कांग्रेस पर मिलीभगत करने का आरोप लगाया है. (फाइल फोटो)
सुखबीर सिंह बादल ने भाजपा और कांग्रेस पर मिलीभगत करने का आरोप लगाया है. (फाइल फोटो)

Farm Laws: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष ने इस मौके पर भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कैप्टन अमरिंदर सिंह की कमजोरियों के बारे में जानती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 4:06 PM IST
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फरीदकोट. शिरोमणी अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने आज कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार (Central Government) तथा पंजाब की कांग्रेस सरकार ने किसान आंदोलन (Farmers Movement) को नुकसान पहुचांने के लिए गठजोड़ कर लिया है. बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (CM Captain Amarinder Singh) ने जानबूझकर केंद्र को दो प्रो- खेती कानून विशेषज्ञों की सिफारिश की थी ताकि शीर्ष अदालत द्वारा गठित चार सदस्यीय पैनल को केंद्र के समर्थन में किया जा सके.

फरीदकोट भाजपा अध्यक्ष विजय छाबड़ा को शिरोमणी अकाली दल में शामिल कराने के लिए फरीदकोट पहुंचे. सुखबीर बादल ने कहा कि छाबड़ा के पार्टी में शामिल होने के साथ ही शहर में शिरोमणी अकाली दल मजबूत हो गया है. उन्होंने कहा कि छाबड़ा को अकाली दल में उचित सम्मान और मान्यता मिलेगी. इस मौके पर यूथ अकाली दल (वाईएडी) के अध्यक्ष सरदार परमबंस सिंह रोमाणा ने भी छाबड़ा का शिरोमणी अकाली दल में स्वागत किया.

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बादल ने भाजपा और कांग्रेस पर ने साधा निशाना
शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष ने इस मौके पर भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कैप्टन अमरिंदर सिंह की कमजोरियों के बारे में जानती है. उन्होंने कहा कि यही वजह थी कि केंद्र ने मुख्यमंत्री का इस्तेमाल किया था और केंद्र सरकार तथा किसानों के बीच बातचीत कराने के उद्देश्य से कमेटी में शामिल किए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को दिए दो सदस्यों के नाम भेजे जाने पर मजबूर किया था. उन्होंने कहा कि इनमें से एक सदस्य भूपिंदर सिंह मान भारतीय किसान यूनियन के एक दल का नेतृत्व कर रहे थे जिन्होंने 2017 में विधानसभा चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया था. मान के बेटे गुरप्रताप कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता थे तथा उन्हे पंजाब लोक सेवा आयोग का सदस्य भी नियुक्त किया गया था. उन्होंने कहा कि इसी तरह एक अन्य सदस्य अशोक गुलाटी को भी मुख्यमंत्री ने एक राज्य समिति का सदस्य मनोनीत किया था.

बता दें सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा किसान आंदोलन (Kisan Andolan) का समाधान निकालने के लिए गठित की गई चार सदस्‍यीय कमेटी में शामिल भूपिंदर सिंह मान (अध्यक्ष बेकीयू) ने इस समिति से नाम वापस ले लिया है.

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बादल ने कानूनों पर लगी रोक को बताया भाजपा की नैतिक हार
एक सवाल के जवाब में सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि शीर्ष अदालत का खेती कानूनों पर रोक लगाने का आदेश भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नैतिक हार है. उन्होंने कहा कि शिरोमणी अकाली दल ने इस बात की वकालत की थी कि किसानों की चिंताओं पर विचार किया जाना चाहिए तथा उसके बाद ही सरकार को अन्नदाता की भावना के अनुसार इस मुद्दे पर कोई फैसले पर पहुंचना चाहिए लेकिन केंद्र इस सुझाव से सहमत नहीं था. एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अकाली दल किसान आंदोलन के साथ था तथा किसान आंदोलन द्वारा दी गई हर बात का पालन करेगा.

बादल ने लोगों को आगाह किया कि वे खालिस्तान के नाम पर हिंसा भड़काने की कोशिशों के बारे में सावधान रहें. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को बदनाम करने के एकमात्र उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शिरोमणी अकाली दल हमेशा शांति तथा साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए खड़ा रहेगा तथा किसी भी कीमत पर पंजाब द्वारा बहुत मुश्किल से प्राप्त की शांति वाले माहौल को किसी भी कीमत पर बिगाड़ने नहीं देगा.
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