पंजाब के मंत्री की पत्नी और बेटा भी हुए कोरोना वायरस से संक्रमित
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पंजाब के मंत्री की पत्नी और बेटा भी हुए कोरोना वायरस से संक्रमित
पंजाब के मंत्री की पत्नी और बेटा भी कोरोना संक्रमण की चपेट में

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा (Cabinet Minister Tript Rajinder Singh Bawa) मंगलवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित पाये गये थे. उन्होंने शुक्रवार को कोविड—19 (Covid-19) की जांच कराई थी.

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  • Last Updated: July 16, 2020, 11:58 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब (Punjab) के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा (Cabinet Minister Tript Rajinder Singh Bajwa) के कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित पाये जाने के बाद उनकी पत्नी और बेटे भी कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित पाए गए हैं. अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि इस बीच राज्य सरकार के मंत्रियों — सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder Singh Randhawa) एवं अरूणा चौधरी (Aruna Chaudhary) तथा कांग्रेस के तीन विधायकों — कुलबीर सिंह जीरा (Kulbeer Singh Jeera), बरिंदरमीत सिंह पहरा (Barindermeet Singh Pahara) एवं परमिंदर सिंह पिंकी (Parminder Singh Pinki) में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है.

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री बाजवा मंगलवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये थे. उन्होंने शुक्रवार को कोविड—19 की जांच कराई थी. इससे पहले उनके विभाग के निदेशक संक्रमित पाये गये थे. बाजवा का नमूना दूसरी बार लिया गया, इससे पहले शनिवार को उनकी पहली जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई थी. स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को बाजवा की पत्नी और बेटे के संक्रमित पाये जाने की पुष्टि की. अधिकारियों ने बताया कि इस बीच भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों ने जांच के लिये अपना नमूना दिया है. इससे पहले दो आईएएस एवं 16 पीसीएस अधिकारी कोरोना संक्रमित पाये गये थे. बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (CM Captain Amarinder Singh) में इस वायरस के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई थी.

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सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए दरें तय कीं
वहीं पंजाब सरकार ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस के उपचार में मुनाफाखोरी को रोकने के लिये उसने राज्य में निजी अस्पतालों के लिये दरें तय कर दी है. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि डॉ के के तलवार समिति ने ये दरें तय की हैं जिसमें पृथक-वास बिस्तर, आईसीयू उपचार और अस्पताल में भर्ती होने के शुल्क आदि शामिल है.

बयान में कहा गया है कि मामूली रूप से बीमार होने की स्थिति में, जिसमें आक्सीजन एवं अन्य देख रेख वाले पृथक-वास बिस्तर की जरूरत होगी, उसके लिये प्रतिदिन के हिसाब से दस हजार रूपये की दर तय की गयी है. यह दर सभी निजी मेडिकल कालेजों अथवा एनएबीएच (अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड) मान्यता प्राप्त अध्यापन कार्यक्रम वाले निजी अस्पतालों के लिये तय की गयी है.

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अब से ये होंगे निजी अस्पतालों के शुल्क
इसमें कहा गया है कि एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पतालों के लिए 9000 रुपये (पीजी/ डीएनबी कोर्स के बिना निजी मेडिकल कॉलेजों सहित) और गैर एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पतालों के लिए 8000 रुपये की राशि निर्धारित की गई है.

बयान के अनुसार इन श्रेणियों के अस्पतालों के लिए गंभीर स्थिति (आइसीयू में बिना वेंटीलेटर) के लिए क्रमशः 15 हज़ार, 14 हज़ार और 13 हज़ार रुपये वसूले जा सकेंगे जबकि अति गंभीर स्थिति में ये दरें क्रमशः 18 हज़ार, 16,500 और 15 हजार होंगी. इसमें कहा गया है कि इन दरों में पीपीई की कीमत शामिल नहीं है .
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