पंजाब: MLA बाजवा ने तोड़ी चुप्‍पी, बोले- बेटे को नौकरी की पेशकश अस्‍वीकार कर दी

कांग्रेस विधायक का बेटे को दी नौकरी लेने से इनकार, बोले- गंदी राजनीतिक कर रहे मेरे साथी

Punjab News: पंजाब कैबिनेट में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जिन दो विधायकों के बेटों को करूणामूलक आधार पर नौकरियां दी है, वे दोनों ही करोड़पति हैं.

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    चंडीगढ़. कैप्टन सरकार द्वारा दो विधायकों के बेटों को दी गई नौकरियों पर मचे बवाल के बाद कांग्रेस विधायक फतेह सिंह बाजवा (MLA FatehJang Bajwa) ने अपने बेटे अर्जुन बाजवा को इंस्पेक्टर लगाने के ऑफर को ठुकरा दिया है. अर्जुन बाजवा ने भी खुद नौकरी लेने से इनकार कर दिया है. लेकिन विधायक फतेह सिंह बाजवा ने यह ऐलान करने के बाद अपनी ही पार्टी के प्रधान सुनील जाखड़, मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया और मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

    अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में फतेह जंग सिंह बाजवा ने कहा कि सुनील जाखड़ ने अपने भतीजे अजयवीर जाखड़ को पंजाब किसान आयोग का चेयरमैन, सुख सरकारिया ने अपने भतीजे को अमृतसर का जिला परिषद का चेयरमैन और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने अपने बेटे को गुरदासपुर के जिला परिषद का चेयरमैन बनाया हुआ है. उन्होंने कहा कि मुझे अपने विरोधियों की आलोचना का दुख नहीं है, लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि मेरे अपने ही सहयोगी इस मामले पर गंदी राजनीति कर रहे हैं.

    करोड़पति है विधायक
    गौरतलब है कि पंजाब कैबिनेट में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जिन दो विधायकों के बेटों को करूणामूलक आधार पर नौकरियां दी है, वे दोनों ही करोड़पति हैं. विधायक फतेहजंग बाजवा 2007 और 2017 में विधायक बने. जबकि उनकी पत्नी चरणजीत कौर 2012 में विधायक रही हैं.

    विधायक राकेश पांडेय 6 बार विधायक बन चुके हैं. 2017 के चुनाव में संपति के दिए गए विवरण में विधायक फतेहजंग बाजवा और उनकी पत्नी की चल-अचल संपति 29.53 करोड़ है. 2015-2016 की आयकर रिर्टन के मुताबिक बाजवा के पास 78.2 लाख की इनोवा और लैंडक्रूजर, पत्नी चरणजीत कौर के पास 35.71 लाख की थी. वहीं, विधायक राकेश पांडेय की बात करें तो 2017 चुनाव में दिए गए संपति के विवरण में उनके पास 2.25 करोड़ की चल अचल संपति है.

    कांग्रेस विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा के बेटे अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर नियुक्त किया गया है और विधायक राकेश पांडेय के पुत्र भीष्म पांडेय को नायब तहसीलदार बनाया गया. यह फैसला पंजाब कैबिनेट में मात्र तीन मिनट में लिया गया था.