पंजाब में कोविड से अनाथ हुए 23 बच्चे, सरकार देगी 1500 रुपए पेंशन और मुफ्त शिक्षा

(सांकेतिक तस्वीर)

(सांकेतिक तस्वीर)

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी (Social Security, Women and Child Development Minister Aruna Chaudhary) ने कहा है कि कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों के संबंध में उचित प्रक्रिया का पालन किया गया है.

  • Share this:

चंडीगढ़. पंजाब में कोविड की महामारी (COVID-19 pandemic) के दौरान 23 बच्चे अनाथ (Orphaned) हुए हैं. पंजाब सरकार (Punjab government) ने 31 मार्च, 2020 से 31 मई 2021 तक ऐसे बच्चों की शिनाख्त की हैं जिनके माता-पिता की कोविड के दौरान मौत हो चुकी है. इनमें वे बच्चे भी शामिल हैं जो पहले एक अभिभावक (Mother or Father) गंवा चुके थे और कोविड के कारण दूसरे अभिभावक की भी मौत हो गई थी.

पंजाब सरकार ने जुलाई 2021 से कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों और रोजी-रोटी कमाने वाला सदस्य गंवा चुके परिवारों को राज्य सरकार की तरफ से सामाजिक सुरक्षा पेंशन (Social security pension) के रूप में प्रतिमाह 1500 रुपये और बच्चों को ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा (Free education till graduation) देने का ऐलान किया है.

जिनके रिश्तेदार नहीं उनको चिल्ड्रेन होम्स में रखेगी सरकार

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने कहा है कि कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों के संबंध में उचित प्रक्रिया का पालन किया गया है. सामाजिक जांच की गई और उनके नजदीकी रिश्तेदारों से पूछताछ की गई है. शुरूआती तौर पर ऐसे बच्चों को उनके नजदीकी रिश्तेदारों द्वारा संभाल लिया गया है. लेकिन कुछ बच्चे ऐसे हैं जिनको रिश्तेदारों ने स्वीकार नहीं किया या वे जिनके रिश्तेदार नहीं हैं, ऐसे बच्चों को चिल्ड्रन होम्स में ले जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोविड के कारण अपने माता-पिता गंवा चुके बच्चे और रोजी-रोटी कमाने वाले सदस्य को गंवा चुके परिवारों के लिए संबंधित विभिन्न कल्याण योजनाओं के अंतर्गत तुरंत राहत प्रदान करने के लिए कहा गया है.
ये भी पढ़ें:- कैप्टन के नेतृत्व पर आलाकमान ने जताया भरोसा, कैबिनेट में बड़े बदलाव के आसार

बाल विकास मंत्री ने कहा है कि उनकी अध्यक्षता में एक निगरानी समिति भी स्थापित की गई है जिसमें प्रमुख विभागों के प्रशासनिक सचिव मैंबर होंगे. समिति माह में कम-से-कम एक बार मीटिंग करेगी और हर केस में दिए जा रहे राहत उपाय की विस्तृत समीक्षा करेगी. कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रभावित व्यक्तियों तक राहत उपायों की सुविधाजनक पहुंच के लिए सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग ऐसे सभी व्यक्तियों का रिकॉर्ड बरकरार रखेगा और कल्याण योजनाओं के अंतर्गत दी जाती राहत संबंधी उनको लिखित रूप में अवगत करवाया जाएगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज