खेल रत्‍न की अर्जी रिजेक्‍ट होने से काफी निराशा हुई: क्रिकेटर हरभजन सिंह

क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार इसकी जांच करवाए कि इस अर्जी को भेजे जाने में कहां देरी हुई. उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें इस बार राजीव गांधी खेल रत्न मिलेगा लेकिन अर्जी रिजेक्ट होने से उन्हें काफी निराशा हुई है.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 12:29 PM IST
खेल रत्‍न की अर्जी रिजेक्‍ट होने से काफी निराशा हुई: क्रिकेटर हरभजन सिंह
क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार इसकी जांच करवाए कि इस अर्जी को भेजे जाने में कहां देरी हुई. उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें इस बार राजीव गांधी खेल रत्न मिलेगा लेकिन अर्जी रिजेक्ट होने से उन्हें काफी निराशा हुई है.
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Updated: July 31, 2019, 12:29 PM IST
राजीव गांधी खेल रत्‍न को लेकर क्रिकेटर हरभजन सिंह के नाम की अर्जी रिजेक्‍ट होने पर क्रिकेटर सिंह ने निराशा जताई. साथ ही पंजाब सरकार से इस मामले में जांच करने की मांग की. हरभजन सिंह ने यू ट्यूब पर वीडियो जारी करके कहा कि उन्होंने 20 तारीख को ही अपनी अर्जी तमाम दस्तावेजों के साथ पंजाब सरकार को भेज दी थी.

हालांकि इसके बावजूद अर्जी रिजेक्ट हो गई और कहा गया कि देरी से एप्लीकेशन भेजे जाने की वजह से ऐसा हुआ है. सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार इसकी जांच करवाए कि इस अर्जी को भेजे जाने में कहां देरी हुई.  हरभजन सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें इस बार राजीव गांधी खेल रत्न मिलेगा लेकिन अर्जी रिजेक्ट होने से उन्हें काफी निराशा हुई है.

अकाली दल ने साधा पंजाब सरकार पर निशाना
खेल रत्न अवॉर्ड के लिए क्रिकेटर हरभजन सिंह का नॉमिनेशन कैंसिल होने को लेकर अकाली दल ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मंत्री और अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि इस मामले में देरी कहां हुई. इसकी जांच होनी चाहिए और अगर खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी केंद्र सरकार के पास जाकर इस मुद्दे को उठाना पड़ता है तो उन्हें जरूर उठाना चाहिए.  ये बात सिर्फ हरभजन सिंह की नहीं है बल्कि अगर किसी और भी खेल के खिलाड़ी के नॉमिनेशन में कोई तकनीकी कमी होती है या इस तरह की देरी होती है तो पंजाब सरकार को उसके लिए उचित कदम उठाने चाहिए थे.

पंजाब सरकार ने भेजा था हरभजन सिंह का नाम
बता दें कि पंजाब सरकार की ओर से क्रिकेटर हरभजन सिंह का नाम खेल रत्न देने की सिफारिश करते हुए भारत सरकार को भेजा गया था जिसे तकनीकी आधार पर रिजेक्ट कर दिया गया. पूरे मामले पर पंजाब सरकार के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि खेल रत्‍न के लिए भेजे गए नाम को नामंजूर करने की जानकारी मिली. हालांकि इसे क्‍यों रद्द किया गया इसकी जानकारी की जा रही है.

सोढ़ी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि फाइल लेट भेजी गई. जबकि ऐसा नहीं है. फाइल समय रहते ही भेज दी गई थी. ऐसे ही नहीं होता कि किसी का भी नाम भेज दिया जाए. इसके लिए काफी प्रक्रिया होती है. उसमें समय लगता है.
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वहीं खुद की गलती मानने की बजाय खेल मंत्री ने खिलाड़ियों पर ही जिम्‍मेदारी डालते हुए कहा कि कई बार खिलाड़ियों की नींद भी देरी से खुलती है. हालांकि देखेंगे कि गलती कहां हुई. अगर किसी अधिकारी की गलती हुई है तो उसे भी देखा जाएगा.

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First published: July 31, 2019, 12:26 PM IST
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