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सरहदी जिलों के विकास को पंजाब सरकार ने केंद्र से की 2500 करोड़ की डिमांड, दिल्ली से बठिंडा तक मांगी वंदे भारत ट्रेन

 पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से राज्य के सरहदी जिलों के विकास के लिए 2500 करोड़ रुपए विशेष औद्योगिक पैकेज की मांग की है.(फाइल फोटो)

पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से राज्य के सरहदी जिलों के विकास के लिए 2500 करोड़ रुपए विशेष औद्योगिक पैकेज की मांग की है.(फाइल फोटो)

Punjab news: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से राज्य के सरहदी जिलों के विकास के लिए 2500 ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

पराली से निपटने के लिए 1,125 करोड़ के पैकेज की मांग
वित मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सरहद के जिलों में औद्योगिक विकास के मांगी धनराशि

एस. सिंह

चंडीगढ़. पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से राज्य के सरहदी जिलों के विकास के लिए 2500 करोड़ रुपए विशेष औद्योगिक पैकेज की मांग की है. उन्होंने केंद्रीय बजट 2023-24 के लिए पंजाब के सभी सुझावों को लेकर केंद्र सरकार को एक मांग पत्र सौंपा है. वित्त मंत्री ने 15वें वित्त आयोग की सब-कमेटी की सिफारिशों के अनुसार नकद कर्ज हद (सीसीएल) मुद्दे का हल, पराली जलाने से रोकने वाले किसानों की सहायता के लिए 1,125 करोड़ रुपए की बजट सहायता, राज्य के संवेदनशील सरहदी जिलों में पुलिस फोर्स और पुलिसिंग बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए 1,000 करोड़ रुपए की विशेष सहायता और गुरु नगरी अमृतसर से नई दिल्ली और बठिंडा से नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन चलाने की भी मांग की है.

वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार से कहा है कि राज्य के सरहदी जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए पंजाब राज्य को 2500 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज मुहैया करवाया जाए. सीसीएल का मुद्दा उठाते हुए चीमा ने कहा कि 15वें वित्त आयोग द्वारा डॉ. रमेश चंद की अध्यक्षता अधीन अधिसूचित की गई सब-कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पंजाब सरकार के 6155 करोड़ रुपए के दावों की स्पष्ट पुष्टि की है. उन्होंने सब-कमेटी की रिपोर्ट द्वारा प्रमाणित पंजाब के दावों के अनुसार इस मुद्दे का जल्द हल करते हुए राज्य को इस बोझ से मुक्त करने की मांग की है.

पराली से निपटने के लिए पैकेज

पराली न जलाने वाले किसानों की सहायता के लिए 1,125 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता की मांग करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पराली जलाने और वायु प्रदूषण के खतरे से निपटने के लिए पहले ही भारत सरकार को धान की पराली के प्रबंधन पर होने वाले अतिरिक्त खर्च के लिए किसानों को 1500 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की थी. उन्होंने किसानों के कल्याण के साथ-साथ एनसीआर के क्षेत्र में रहने वाले आम लोगों के हित में इस प्रस्ताव पर विचार करने की मांग करते हुए केंद्रीय बजट 2023-24 में 1125 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता प्रदान करने की मांग की है.

पुलिस बलों को बुनियादी ढांचे की जरूरत

राज्य के संवेदनशील सरहदी जिलों में पुलिस बल और पुलिस ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए 1000 करोड़ रुपए की विशेष सहायता की मांग करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य एक शत्रुतापूर्ण पड़ोसी के साथ 550 किलोमीटर लम्बी सरहद साझा करता है, इस कारण पेश चुनौतियों के मुकाबले के लिए राज्य को आधुनिक साजो-सामान से लैस अच्छी तरह से प्रशिक्षित पुलिस बल की ज़रूरत है.

इन इलाकों में निगरानी और सुरक्षा के लिए मांगा पैसा

उन्होंने कहा कि राज्य को ख़ास तौर पर पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का के कमजोर सरहदी जिलों में इस सरहद पर पुलिस बलों को बुनियादी ढांचागत सुविधाएं जरूरत है. निगरानी बढ़ाने के लिए सरहदी क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुलिस इमारतों को अपग्रेड करने और नए पुलिस थानों के निर्माण के लिए इस विशेष सहायता की भी जरूरत है. चीमा ने पंजाब के सरहदी जिलों में पुलिस बल की दो बटालियनों को पक्के तौर पर तैनात करने के लिए 160 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता की भी मांग की है.

Tags: Bhagwant Mann, Chandigarh news, Punjab Government, Punjab news

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