कोरोना वायरस: पंजाब में 29 मामले, कर्फ्यू के बीच घर-घर में जरूरी सामान पहुंचाएगी सरकार
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कोरोना वायरस: पंजाब में 29 मामले, कर्फ्यू के बीच घर-घर में जरूरी सामान पहुंचाएगी सरकार
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि कम्‍युनिटी ट्रांसफर शुरू हो गया है.

पंजाब सरकार (Punjab Government) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप से निपटने के लिये केन्द्र सरकार से 150 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है. उल्लेखनीय है कि पंजाब में विदेश से बड़ी तादाद में अनिवासी भारतीय लौटे हैं, जिसके बाद कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है.

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  • Last Updated: March 24, 2020, 6:52 PM IST
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चंडीगढ़. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (CM Captain Amrinder Singh) के कार्यालय की ओर से मंगलवार को कहा गया कि हाल के दिनों में पंजाब (Punjab) में 94000 से अधिक एनआरआई और विदेशी वापस आए हैं. उनमें से बहुत से लोगों को ट्रैक किया गया है और लगभग 30,000 लोगों को आइसोलेट किया गया है. अन्य लोगों का पता लगाने के लिए कोशिशें जारी है.

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि पंजाब के जिला आयुक्तों को जहां तक संभव हो, फेरीवालों / वितरकों के माध्यम से किराने का सामान, दूध, फल और सब्जियों जैसी आवश्यक वस्तुओं की डोर-टू-डोर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई कि कर्फ्यू प्रबंधन प्रणाली के हिस्से के रूप में SDM या सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा हर सुबह घरों में दूध, ब्रेड, बिस्किट, अंडे पहुंचाने के लिए गाड़ी विक्रेताओं को नामित किया जाएगा.

राज्य में लगा है कर्फ्यू
बता दें कोरोना वायरस (Coronavirus) फैलने के खतरे को देखते हुए पंजाब और चंडीगढ़ (Chandigarh) में लगाए गए कर्फ्यू के कारण मंगलवार को लोग घरों में ही बंद रहे. राज्य भर में लागू लॉकडाउन को जनता ने गंभीरता से नहीं लिया जिसके बाद पंजाब सरकार को सोमवार को कर्फ्यू लगाना पड़ा. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बिना किसी राहत के पूर्ण रूप से कर्फ्यू लागू करने का आदेश दिया. बाद में संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी सोमवार रात से कर्फ्यू लागू कर दिया गया.



प्रतिबंधों का पालन करवाने के लिए भारी मात्रा में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई. हालांकि आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं से संबंधित सरकारी कर्मचारियों को आधिकारिक पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर ड्यूटी पर जाने दिया गया. जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशानुसार मोहाली में अस्पताल और दवा की दुकानें खुली रहेंगी. इस बीच आरंभिक खबरों के अनुसार पंजाब में कुछ लोग रोजमर्रा का सामान खरीदने बाहर निकले जिन्हें पुलिस ने घर वापस भेज दिया.



लोगों से घरों पर रहने की अपील
एक अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़ और हरियाणा की सीमाएं पूरी तरह सील रहीं. जालंधर के उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा ने लोगों से घरों में रहने की अपील की. अभी तक पंजाब में कोरोना वायरस संक्रमण के 6 नए मामले सामने आए हैं जिससे राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या 29 हो गई है जबकि एक शख्स की मौत हो गई है.

केंद्र से मांगी 150 करोड़ रुपये की मदद
वहीं पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिये केन्द्र सरकार से 150 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है. उल्लेखनीय है कि पंजाब में विदेश से बड़ी तादाद में अनिवासी भारतीय लौटे हैं, जिसके बाद कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है. और इसी को देखते हुए सरकार ने केंद्र से यह मांग रखी है.

एनआरआई के आने से बढ़ा खतरा
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य से सबसे अधिक अनिवासी भारतीय संबंध रखते हैं और उनमें से 90 हजार पहले ही यहां आ चुके हैं. उन्होंने कहा, 'उनमें से कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाये गए हैं और उनके संपर्क में आने से और लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.' उन्होंने कहा कि मरीजों की तादाद में लगातार भारी इजाफा हो रहा है.

सिद्धू ने कहा, 'इस भयानक बीमारी को रोकने के लिए, पंजाब ने जमीनी स्तर तक ठोस योजनाएं बनाई हैं. हम आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड आदि बना रहे हैं. हमें अतिरिक्त श्रमबल, विशेषज्ञों, एनेस्थेटिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट, डॉक्टर और नर्स की आवश्यकता है. हमें दवाओं, रसद, वेंटिलेटर और कई अन्य वस्तुओं की भी आवश्यकता है.'

उन्होंने लिखा कि इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये पंजाब को कम से कम 150 करोड़ रुपये के कोष की जरूरत है.

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