पंजाबः कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा को ED का नोटिस, 21 जून को पूछताछ के लिए बुलावा

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने विधायक खैरा को कांग्रेस पार्टी में शामिल कराया था. फाइल फोटो

Congress Leader Sukhpal Singh Khaira: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने विधायक खैरा को कांग्रेस पार्टी में शामिल कराया था. इसके बाद खैरा ने दिल्ली पहुंचकर राहुल गांधी से मुलाकात की थी.

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नई दिल्ली. पंजाब के कपूरथला के भुलत्थ विधानसभा से विधायक सुखपाल सिंह खैरा को कुछ दिनों पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) द्वारा कांग्रेस पार्टी में (Punjab Congress) शामिल कराया गया था. राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) से मुलाकात करके औपचारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी में घर वापसी करने वाले सुखपाल सिंह खैरा की मुश्किलें आने वाले वक्त में फिर से बढ़ सकती हैं. दरअसल केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी (ED) ने पंजाब से विधायक सुखपाल सिंह खैरा (Sukhpal singh Khaira) के खिलाफ एक और कार्रवाई करते हुए पूछताछ का नोटिस भेजकर 21 जून को दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में बुलाया है.

ईडी के सूत्रों के मुताबिक इसी साल मार्च में ईडी को सुखपाल सिंह खैरा से संबंधित एक मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले को दर्ज करने के बाद तफ्तीश के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं. इसके साथ ही कई अन्य आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर ईडी फिर से सुखपाल सिंह खैरा से फिर एक बार पूछताछ करना चाहती है. इसलिए 21 जून को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया और दिल्ली बुलाया गया है. ईडी के सूत्रों के मुताबिक ड्रग्स की तस्करी मामले से अर्जित अवैध संपत्ति सहित अवैध/फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग करके कई लोगों का पासपोर्ट बनवाने से जुड़े मामले में बहुत पहले एक मामला पंजाब में दर्ज किया गया था. उसी मामले में कई लोगों के दर्ज बयान और उन लोगों के पास से मिले सबूतों के आधार पर सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ लगे काफी संगीन आरोप के बाद ईडी ने तफ्तीश शुरू की है. इसी मामले की आगे की तफ्तीश करने के लिए ईडी की टीम सुखपाल सिंह खैरा से पूछताछ करना चाहती है.

हालांकि इस मसले पर सुखपाल सिंह खैरा कई बार अपनी बातों को मीडिया के सामने रख चुके हैं, लेकिन ईडी के सूत्रों की अगर मानें तो 8 मार्च को ईडी की टीम ने सुखपाल सिंह खैरा के आवास सहित दिल्ली, पंजाब के कई लोकेशन पर छापेमारी की थी, उसी छापेमारी में सुखपाल सिंह खैरा और उसके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ कुछ महत्वपूर्ण सबूत और दस्तावेज मिले हैं, जिसके आधार पर ये आगे की पूछताछ होने वाली है.

ईडी पर विधायक ने लगाए आरोप
ईडी द्वारा विधायक सुखपाल सिंह खैरा को पूछताछ के लिए 17 मार्च को भी दिल्ली स्थित ईडी दफ्तर बुलाया गया था, लेकिन वो पूछताछ की प्रक्रिया में हिस्सा लेने नहीं आए. विधायक सुखपाल द्वारा ईडी को एक खत भेजकर जानकारी दी गई कि वो कोरोना संक्रमण और उनके पीएसओ के संक्रमण के मद्देनजर वो खुद अपनी जांच और मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल नहीं आ सकते हैं.

9 मार्च को सुखपाल सिंह खैरा के कई लोकेशन पर भ्रष्टाचार से जुड़े मसले पर ईडी ने छापेमारी की थी. इसी दौरान चंडीगढ़ स्थित आवास और रामगढ़, भोलत्थ विधानसभा स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई. रामगढ़ वाले आवास पर जब ईडी की छापेमारी की गई थी, उस वक्त सुखपाल सिंह खैरा और उनके साथ उनके पीएसओ ओंकार सिंह भी साथ में थे. छापेमारी 9 मार्च को हुई थी, लेकिन 12 मार्च को एक बयान देते हुए आरोप लगाया गया था कि ईडी के अधिकारी जो सर्च ऑपरेशन में आए थे, उन लोगों की लापरवाही से पीएसओ ओंकार सिंह कोरोना संक्रमित हो गए.

इस मसले पर ईडी द्वारा जो शिकायत कपूरथला के एसएसपी को भेजी गई, उसके साथ दो अन्य मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी भी लगाई गई, जिसमें एक मेडिकल रिपोर्ट ओंकार सिंह की पत्नी राज रानी का भी था, उस मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक राज रानी इस सर्च ऑपरेशन की तारीख के पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई थी, राज रानी ने 6 मार्च को फरीदकोट स्थित गुरु गोविंद सिंह मेडिकल कॉलेज में कोरोना से संबंधित टेस्ट करवाई थी, उसके बाद 8 मार्च को उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट आई. अपनी पत्नी के संपर्क में रहने की वजह से ओंकार सिंह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे. हालांकि बेबुनियाद आरोप ईडी के जांचकर्ताओं पर लगाए गए थे.

‘पंजाब एकता पार्टी’ का कांग्रेस में विलय
बता दें कि पंजाब विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैरा और दो अन्य विधायकों ने बीते बृहस्पतिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और अपने दल ‘पंजाब एकता पार्टी’ का कांग्रेस में विलय करने की घोषणा की. खैरा और दो अन्य विधायकों जगदेव सिंह और पीरमल सिंह ने राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की. इस मौके पर कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी मौजूद थे.

खैरा और ये दो विधायक तीन जून को मुख्यमंत्री अमरिंदर की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए थे. ये तीनों पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुए थे, हालांकि बाद में पार्टी नेतृत्व से कथित टकराव के कारण तीनों को आप से बाहर कर दिया गया. इसके बाद खैरा ने पंजाब एकता पार्टी बनाई. राहुल गांधी से मुलाकात के बाद खैरा ने पार्टी में शामिल करने के लिए उनका आभार जताया.

खैरा पहले कांग्रेस में रह चुके हैं. कांग्रेस छोड़ने के बाद, खैरा दिसंबर 2015 में आप में शामिल हो गए थे. वह 2017 में आप के टिकट पर वह भोलत्थ विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए थे.

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