पंजाब सरकार ने रेलवे को कल सुबह तक सभी अवरोधक हट जाने का आश्वासन दियाः वीके यादव

पंजाब सरकार ने कल रेलवे ट्रैक से अवरोध हटाने का आश्‍वासन दिया है. (फोटो साभार-PTI)
पंजाब सरकार ने कल रेलवे ट्रैक से अवरोध हटाने का आश्‍वासन दिया है. (फोटो साभार-PTI)

Protest Against Farm Act 2020: संसद से पारित तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन के कारण 24 सितम्बर से पंजाब में ट्रेन सेवाएं निलंबित है. हालांकि अक्टूबर में कुछ दिनों के लिए इन्हें फिर से शुरू किया गया था, लेकिन ट्रेन के चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन सेवाओं को फिर से रोक दिया गया था.

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नई दिल्ली. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने गुरुवार को कहा कि पंजाब सरकार ने रेलवे को आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा रेल परिसरों में लगाए गए सभी अवरोधकों को शुक्रवार की सुबह तक हटा लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि गुरुवार की शाम तक 31 अवरोधकों में से 14 को हटाया जा चुका है. यादव ने कहा कि राज्य के अधिकारियों के साथ-साथ आरपीएफ की एक संयुक्त टीम का जमीनी सर्वेक्षण करने के लिए गठन किया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रेनों को चलाना सुरक्षित है या नहीं.

उन्होंने कहा, 'हमें पंजाब सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया है कि शुक्रवार की सुबह तक सभी अवरोधक हटा दिए जाएंगे. गुरुवार को 31 अवरोधकों में से 14 को हटा दिया गया है. हमारी रखरखाव टीम तैयार हैं, जैसे ही पटरियां रेलवे के नियंत्रण में होंगी, हम ट्रेनों को चलाएंगे.' संसद से पारित तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन के कारण 24 सितम्बर से पंजाब में ट्रेन सेवाएं निलंबित है. हालांकि अक्टूबर में कुछ दिनों के लिए इन्हें फिर से शुरू किया गया था, लेकिन ट्रेन के चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन सेवाओं को फिर से रोक दिया गया था.

पंजाब और हरियाणा में कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, किसानों ने सड़के अवरुद्ध कीं
केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी 'चक्का जाम' के तहत किसानों ने बृहस्पतिवार को पंजाब और हरियाणा में कई स्थानों पर सड़के अवरुद्ध करते हुए इन कानूनों को वापस लेने की मांग की. दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक के इस राष्ट्रव्यापी 'चक्का जाम' का आह्वान अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने किया है. चालीस से अधिक संगठनों से संबंध रखने वाले प्रदर्शनकारी किसानों ने कई जगहों पर राजकीय और राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध किया जिसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
इस दौरान पुलिस ने कई जगहों पर यातायात का मार्ग बदला इसके बावजूद यात्रियों को मुश्किल का सामना करना पड़ा है. प्रदर्शनकारियों ने 'काले कानून' लाने के लिये भाजपा नीत केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए आशंका जतायी कि इन कानूनों से कृषक समुदाय बर्बाद हो जाएगा और इनसे केवल बड़े कारोबारी घरानों को ही 'फायदा' पहुंचेगा. पंजाब के किसान संगठनों ने राज्य में मालगाड़ियों पर रोक लगाने के लिये भी केन्द्र सरकार पर निशाना साधा, जिसके चलते राज्य में कोयले, उर्वरकों और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हुई है.



किसानों ने 200 जगहों पर जमा लिया है डेरा
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के सदस्य जगमोहन सिंह ने दावा किया कि किसानों ने पंजाब और हरियाणा में प्रमुख राष्ट्रीय तथा राजकीय राजमार्गों समेत करीब 200 जगहों पर डेरा जमा लिया. पुलिस ने कहा कि चक्का जाम शांतिपूर्ण रहा. भारतीय किसान संघ (एकता उग्रहान) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा कि उन्होंने चक्का जाम प्रदर्शन के तहत संगरूर, बठिंडा, मनसा, बरनाला, पटियाला में 35 जगहों पर सड़कों को अवरुद्ध किया है.

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किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव श्रवण सिंह पंढेर ने कहा कि समितियों ने पंजाब के 10 लिजों में 45 जगहों पर चक्का जाम किया है. इससे पहले भारतीय किसान यूनियन (चरूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने कहा कि उन्होंने हरियाणा में करनाल, रोहतक, कैथल, जींद, हिसार और फतेहाबाद समेत लगभग 20 जगह प्रदर्शन करने की योजना बनाई है. भठिंडा में एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा कि राज्य में मालगाड़ियों को निरस्त कर नरेन्द्र मोदी सरकार किसानों के आंदोलन को 'बदनाम और अस्थिर करना चाहती है. गौरतलब है कि रेलवे ने कुछ रेल पटरियों पर किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर मालगाडियों का संचालन बंद कर दिया है, जिसके चलते पंजाब में कोयला समेत की जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हुई है.
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