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पंजाब: किसानों संग आज पराली पर मीटिंग करने जा रहे हैं CM भगवंत मान, क्या निकलेगा कोई समाधान?

पंजाब में पराली न जलाने को कैसे किसान? आज बैठक करेंगे सीएम भगवंत मान (फाइल फोटो)

पंजाब में पराली न जलाने को कैसे किसान? आज बैठक करेंगे सीएम भगवंत मान (फाइल फोटो)

पंजाब में किसान चाहते हैं कि उनको ₹6000 प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए या फिर उनको पंजाब में धान की फसल ही जगह कोई और फसल द ...अधिक पढ़ें

चंडीगढ़: पराली जलाने के मुद्दे पर जारी उहापोह की स्थिति के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब भवन में आज यानी शुक्रवार को किसानों के साथ बैठक करने जा रहे हैं. किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां आज सीएम भगवंत मान के साथ चंडीगढ़ में मीटिंग करने जा रहे हैं, जिसमें प्रमुख मुद्दा पराली जलाने को लेकर ही है. किसान पराली न जलाने के लिए मुआवजे की मांग पर अड़े हैं.

बताया जा रहा है कि किसान चाहते हैं कि उनको ₹6000 प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए या फिर उनको पंजाब में धान की फसल ही जगह कोई और फसल दी जाए, जिससे पराली की समस्या बिल्कुल खत्म हो जाए और किसानों को भी रोजगार मिल जाए. इसके अलावा उन्होंने मांग की कि पराली को लेकर किसानों पर जो जुर्माना लगाया है और एफआईआर हुई है, उसको खत्म किया जाए.

किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि सरकार स्टबल यानी पराली से बहुत सारी वस्तुएं बना सकती है लेकिन सरकार इसके ऊपर कोई भी गंभीरता नहीं दिखा रही. गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी में अक्टूबर और नवंबर में वायु प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि के पीछे पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाना एक प्रमुख कारण है.

बीते दिनों केंद्र ने किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए नकद प्रोत्साहन प्रदान करने के पंजाब और दिल्ली की सरकारों के अनुरोध को खारिज कर दिया था. दरअसल, पंजाब और दिल्ली सरकार के उस प्रस्ताव में पराली न जलाने के बदले किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपए देने की मांग की गई थी. पंजाब सरकार का प्रपोजल था कि किसानों को पराली नहीं जलाने के एवज में प्रति एकड़ केंद्र सरकार 1500 रुपए दे और फिर दिल्ली सरकार और पंजाब सरकार 500-500 रुपए देगी.

गौरतलब है कि हर साल अक्टूबर-नवंबर से लेकर फरवरी तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण का खासा असर रहता है. हालात ऐसे हो जाते हैं कि दिल्ली सरकार को कई बड़े और कड़े फैसले लेने पड़ते हैं. उस वक्त तो मानों दिल्ली गैस चैंबर बन जाती है और इन सब के लिए हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने की घटना को जिम्मेवार माना जाता है. आरोप लगते हैं कि पंजाब और हरियाणा की खेतों में जलने वाली पराली ही दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है. यही वजह है कि दिल्ली और पंजाब सरकार ने मिलकर इससे निपटने का एक तरीका अपनाया था और मुआवजा देने का प्रस्ताव बनाया था.

Tags: Bhagwant Mann, Punjab news, Stubble Burning

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