दमन के खिलाफ आज पंजाब में एकता दिवस मनाएंगे किसान, राष्‍टपति को भेजेंगे 1 लाख ई-मेल

किसानों में नाराजगी व्‍याप्‍त है. (Pic- AP)
किसानों में नाराजगी व्‍याप्‍त है. (Pic- AP)

एआईकेएससीसी के संयोजक वीएम सिंह ने किसान यूनियनों से बात करते हुए कहा कि ये ईमेल देश भर के किसानों सहित सभी क्षेत्रों के लोगों की ओर से भेजे जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 8:39 AM IST
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चंडीगढ़. पंजाब (Punjab) में मालगाड़ियों को निलंबित करने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC) ने घोषणा की है कि वह गुरुवार को पंजाब के किसानों (Farmer Agitation) के दमन के खिलाफ एकता दिवस मनाएगी. यह फैसला बुधवार को शाम को एआईकेएससीसी की एक ऑनलाइन बैठक के बाद लिया गया है.

इस दौरान ऐलान किया गया है कि पंजाब में मालगाड़ियों को तत्काल फिर से शुरू करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को एक लाख ईमेल भेजे जाएंगे. एआईकेएससीसी के संयोजक वीएम सिंह ने किसान यूनियनों से बात करते हुए कहा कि ये ईमेल देश भर के किसानों सहित सभी क्षेत्रों के लोगों की ओर से भेजे जाएंगे. एआईकेएससीसी ने मालगाड़ियों को चलाने की अनुमति नहीं देने और इस प्रकार पंजाब के लोगों को ब्लैकमेल करने व पंजाब में किसान संघर्ष को दबाने के लिए उर्वरकों, कोयले और अन्य आवश्यक सामान की आपूर्ति को रोकने के केंद्र सरकार के दृढ़ कदम के खिलाफ जोरदार विरोध किया है.

पंजाब में कीर्ति किसान यूनियन के प्रमुख और सभी किसान यूनियन के कोऑर्डिनेटर डॉ. दर्शन पाल ने कहा, 'सभी किसानों, देश भर के कृषि श्रमिक संगठनों को 12 नवंबर को एकता दिवस के रूप में मनाने और पंजाब में समर्थन बढ़ाने के लिए एक लाख ईमेल भेजने के लिए कहा गया है ताकि ट्रेनों को तुरंत चलाया जा सके. इस तरह के संवेदनशील कदमों की व्यापक रूप से निंदा करने की जरूरत है.



किसानों का प्रस्तावित दिल्ली चलो कार्यक्रम अब तक नहीं हो पाया है क्योंकि दिल्ली पुलिस ने 26-27 नवंबर को जंतर मंतर पर उनकी रैली के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है. एआईकेएससीसी के बैनर तले देश भर के किसानों ने 26-27 नवंबर को 'दिल्ली चलो' की योजना बनाई थी.

11 नवंबर को पुलिस उपायुक्त ने एआईकेएससीसी के संयोजक वीएम सिंह से जंतर मंतर पर धरने की अनुमति देने से इनकार व महामारी का हवाला देते हुए कहा था कि धारा 144 को राजधानी में पहले ही लागू किया जा चुका है.
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