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पंजाब बिजली संकट : उद्योगों पर 2 दिन का लॉकडाउन, सरकारी कार्यालयों का समय भी बदला

नॉर्थ और सेंट्रल जोन के 7 शहरों की 100 किलोवाट से ज्यादा खपत वाली इंडस्ट्री में 48 घंटे का लॉकडाउन लगाया है.

नॉर्थ और सेंट्रल जोन के 7 शहरों की 100 किलोवाट से ज्यादा खपत वाली इंडस्ट्री में 48 घंटे का लॉकडाउन लगाया है.

Power Crisis in Punjab: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कल से राज्य सरकार के दफ्तरों का समय घटाने और बिजली की अधिक खपत वाली उद्योग की सप्लाई में तुरंत प्रभाव से कटौती करने के आदेश दिए हैं

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    चंडीगढ़. बिजली के बड़े संकट (Major power crisis) के मद्देनजर पंजाब में सरकारी कार्यालयों (Government  offices) को सुबह 8 बजे से 2 बजे तक काम करने के आदेश दिए गए हैं. यह आदेश 10 जुलाई तक लागू रहेंगे. 1500 मेगावाट की कमी दूर करने के लिए पावरकॉम को ज्यादा खपत वाली इंडस्ट्री (High consumption industry) पर 48 घंटे का लॉकडाउन (48-hour lockdown) लगाना पड़ा है. लॉकडाउन के पहले दिन लोड 1000 मेगावाट कम हुआ है. पंजाब में बढ़ते हुए तापमान और बिजली की कम के कारण जगह-जगह पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं. जिसे देखते हुए पंजाब सरकार ने 7 शहरों में 100 किलोवाट से ज्यादा खपत वाली इंडस्ट्री को बिजली सप्लाई में लॉकडाउन करने के आदेश जारी किए गए हैं.

    नॉर्थ और सेंट्रल जोन के 7 शहरों की 100 किलोवाट से ज्यादा खपत वाली इंडस्ट्री में 48 घंटे का लॉकडाउन लगाया है. नॉर्थ जोन जालंधर, कपूरथला, नवांशहर, होशियारपुर और सेंट्रल जोन के इलाकों में लुधियाना के 5 सर्किल, खन्ना व मंडी गोबिंदगढ़ शामिल हैं. जो लोग प्रतिबंध को तोड़कर इंडस्ट्री को चालू रखेंगे उनका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है.

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    पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कल से राज्य सरकार के दफ्तरों का समय घटाने और बिजली की अधिक खपत वाली उद्योग की सप्लाई में तुरंत प्रभाव से कटौती करने के आदेश दिए हैं जिससे फसलों को बचाने के साथ-साथ घरेलू बिजली सप्लाई में राहत दी जा सके. मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी कर्मचारियों को अपने-अपने दफ्तरों में बिजली का प्रयोग किफायत के साथ करने की अपील करते हुए कहा कि स्थिति बहुत गंभीर है क्योंकि राज्य में बिजली की मांग 14500 मेगावाट तक पहुंच गई है.

    सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सरकारी कार्यालय अगले आदेश तक सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक काम करेंगे. हालांकि अभी एयर कंडीशनर (ए.सी.) के प्रयोग पर पाबंदी लगाने का कोई भी फैसला नहीं लिया है. मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को अपना संघर्ष खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि इससे संकट और गहरा गया है और फीडरों और सब-स्टेशनों की ओवरलोडिंग के कारण बिजली आपूर्ति में बाधा पड़ने की शिकायतों को तेजी से निपटाया नहीं जा रहा है.

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