कोरोना टीकाकरण में सहयोग देने के लिए आगे आए IAS, गोद लिया गांव

अलग से वैक्सीनेशन सीएसआर फंड बनाया गया है. (सांकेतिक तस्वीर0

अलग से वैक्सीनेशन सीएसआर फंड बनाया गया है. (सांकेतिक तस्वीर0

Coronavirus Vaccination in India: दयालन ने जो पोस्टर शेयर किया है उसमें सीएसआर पार्टनर्स, संगठन और लोगों से अपील की गई है कि वह कोरोना वायरस से लड़ाई में अपनी खुशी से सहयोग दें. इसके साथ ही गांव या किसी इलाके को कोविड से लड़ाई में सहयोग देने के लिए उसके अडॉप्शन की भी बात कही गई है.

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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान जारी है. वैक्सीनेशन के तीसरे चरण में 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा रही है. इसके लिए सरकार की ओर से मुफ्त टीकाकरण भी किया जा रहा है है जबकि निजी अस्पतालों में इसके लिए रुपये भी चुकाने पड़ रहे हैं. इस टीकाकरण अभियान को आर्थिक रूप से मजबूती देने के लिए कई आईएएस आगे आए हैं.

पंजाब के मोहाली के डिप्टी कमिश्नर गिरीश दयालन ने ट्वीट कर इस मुहिम की शुरुआत की है. दयालन ने इस संबंध में ट्वीट किया है कि दयालन ने लिखा कि- "मैं अपने सहकर्मियों के साथ मसोल गांव के 18 से 44 साल की जनसंख्या के टीकाकरण का खर्च उठाउंगा." इसके लिए उन्होंने आशिका जैन आईएएस, राजीव कुमार गुप्ता आईएएस, हिमांशु जैन आईएएस, कुलदीप बावा पीसीएस और जगदीप सहगल पीसीएस को धन्यवाद कहा है.

इसके साथ ही दयालन ने जो पोस्टर शेयर किया है उसमें सीएसआर पार्टनर्स, संगठन और लोगों से अपील की गई है कि वह कोरोना वायरस से लड़ाई में अपनी खुशी से सहयोग दें. इसके साथ ही गांव या किसी इलाके को कोविड से लड़ाई में सहयोग देने के लिए उसके अडॉप्शन की भी बात कही गई है.


इसके लिए अलग से वैक्सीनेशन सीएसआर फंड बनाया गया है. बता दें पंजाब की मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस के प्रसार से निपटने के लिए ‘‘कोविड फतह’’ अभियान शुरू किया है.

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पंजाब के अनाथ बच्चों के लिए आगे आई अमरिंदर सरकार



इसके साथ ही पंजाब सरकार ने कोविड महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों और महामारी में कमाऊ सदस्य खोने वाले परिवारों को 1500 रुपये महीना सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा स्नातक तक निशुल्क शिक्षा देने का बृहस्पतिवार को फैसला किया.

एक सरकारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे बच्चों के साथ-साथ उन परिवारों के बच्चों के लिए सरकारी संस्थानों में निशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करेगी, जिन्होंने कोविड की वजह से कमाऊ सदस्य को खो दिया है.


उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों का पालक बनना राज्य का कर्तव्य है, जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों को कोविड-19 महामारी में खो दिया है. (एजेंसी के इनपुट सहित)

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