ट्रायल के दौरान 180 KM की स्पीड़ से दौड़ा AC 3-Tier इकॉनमी कोच, जानिए क्या है इसकी खूबी

भारतीय रेलवे. (सांकेतिक तस्वीर)

भारतीय रेलवे. (सांकेतिक तस्वीर)

Indian Railways: कोच का डिजाइन तथा निर्माण आरसीएफ कपूरथला द्वारा किया गया है. बोगियों की क्षमता को 72 से बढ़ा कर 83 किया गया है.

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चंडीगढ़. पंजाब के कपूरथला की रेल कोच फैक्‍टरी (Kapurthala Rail Coach Factory ) RCF द्वारा निर्मित उच्च क्षमता वाले एसी थ्री टियर इकाॅनमी कोच (AC 3 Tier Economy Coach) ट्रायल के दौरान 180 किलोमीटर की स्पीड से दौड़ा. अनुसन्धान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO)ने सफल ट्रायल नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर किया है और इस पर संतोष भी जताया है. आरसीएफ में इस कोच इस कोच का उत्पादन अब बड़े पैमाने पर होगा. कोच का डिजाइन तथा निर्माण आरसीएफ कपूरथला द्वारा किया गया है. बोगियों की क्षमता को 72 से बढ़ा कर 83 किया गया है.


बर्थ पर चढ़ने के लिए आधुनिक तकनीक की सीढ़ियों को निर्माण किया गया है. इंडियन और वेस्टर्न स्टाइल की टॉयलेट को भी आधुनिक रूप दिया गया है. कोच में सार्वजनिक अनाउंसमेंट प्रणाली की भी व्यवस्था है. बेहतर फायर सेफ्टी के लिए इन डिब्‍बों में दुनिया के उच्‍चतम मानक ईएन 45545 वाली सामग्री का प्रयोग किया गया है.





हर बर्थ के साथ स्नैक्स टेबल की व्यवस्था की गई है. हर बर्थ के साथ चार्जिंग के लिए पोर्ट दिए गए हैं. इसके लिए साइड में 2 की जगह 3 बर्थ रखे गए हैं. जबकि एसी-3 में 72 बर्थ होते हैं. इस कोच में लाइटिंग काफी बेहतर रखी गई है ताकि किसी भी मुसाफिर को परेशानी न हो. एक कोच में ज़्यादा लोगों के लिए जगह बनाने से रेलवे की आमदनी में बड़ी इज़ाफा होगा.


हालांकि, इसका किराया एसी-3 से कम रखा जाएगा. 3 टियर इकॉनमी कोचों के निर्माण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं तथा इसका पहला रेक मार्च 2021 में तैयार करके रवाना कर दिया जाएगा. इन कोचों के पटरी पर उतरने से ट्रेनों की यात्रियों को ले जाने की क्षमता में भी वृद्धि होगी. अगले वर्ष तक इस तरह के 248 कोच करने का लक्ष्य रखा गया है.

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