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दीप सिद्धू की लोकप्रियता भुनाना चाहता था अमृतपाल, नाम से बनाया था संगठन, एक्टर ने कर दिया था ब्लॉक

दस्तावेजों से पता चला कि अमृतपाल वारिस पंजाब दे संगठन की लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहता था. (News18)

दस्तावेजों से पता चला कि अमृतपाल वारिस पंजाब दे संगठन की लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहता था. (News18)

Khalistani leader Amritpal Singh News: नए दस्तावेजों से पता चला है कि खालिस्तानी नेता ने रोड एक्सीडेंट में मारे गए दीप ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

अमृतपाल सिंह को सिद्धू के भाई द्वारा गठित 'वारिस पंजाब दे' के उत्तराधिकारी के रूप में स्वीकार करने से इनकार किया गया था
अमृतपाल ने मिलते जुलते नाम से नई संस्था का गठन किया
उत्तराधिकारी नहीं बनाये जाने के बाद अलगाववादी खालिस्तानी नेता अमृतपाल सिंह ने 'वारिस पंज-आब दे' बनाया

चंडीगढ़. रोड एक्सीडेंट में मारे गए एक्टर दीप सिद्धू (Deep Siddhu) के भाई ने खुलासा किया कि उनके परिवार ने भगोड़े खालिस्तानी नेता अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) को सिद्धू के भाई द्वारा गठित ‘वारिस पंजाब दे’ के उत्तराधिकारी के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. इसके बाद अमृतपाल ने मिलते जुलते नाम से नई संस्था का गठन किया. साथ ही दीप सिद्धू ने फरवरी 2022 में एक सड़क दुर्घटना में मारे जाने से पहले अमृतपाल का फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिया था.

समाचार एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराधिकारी नहीं बनाये जाने के बाद अलगाववादी खालिस्तानी नेता अमृतपाल सिंह ने ‘वारिस पंज-आब दे’ (Warris Panj-Aab De) बनाने का फैसला किया जो कि ‘वारिस पंजाब दे’ (Waris Punjab De) से मिलता जुलता नाम ही था. पुलिस कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों से पता चला कि अमृतपाल वारिस पंजाब दे संगठन की लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहता था. बता दें कि दीप सिद्धू के भाई मनदीप ने 4 जुलाई, 2022 को फतेहगढ़ साहिब में ‘सर्व शिक्षा अभियान’ को बढ़ावा देने, प्रदूषण से संबंधित मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाने, नशा करने वाले युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने और लोगों की मदद करने के लिए फतेहगढ़ साहिब में एक संगठन बनाया था. मनदीप ने कहा कि यह संगठन उनके दिवंगत भाई के पंजाब के लोगों की सेवा करने के सपने को पूरा करने के लिए बनाया गया था.

अगस्त 2022 में जब अमृतपाल विदेश से लौटा और ‘वारिस पंजाब दे’ के कागजात मांगे तो मनदीप ने उन्हें सौंपने से इनकार कर दिया. अचानक से ‘वारिस पंज-आब दे’ नामक एक नया संगठन सामने आया, जिसके साथ दीप सिद्धू का आधिकारिक फेसबुक पेज जुड़ा हुआ था. यह मोगा जिले में पंजीकृत था, इसकी स्थापना तिथि 15 दिसंबर, 2021 बताई गई थी. मिलते जुलते नाम के कारण फेसबुक पेज के फॉलोअर्स की संख्या बहुत अधिक हो गई, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई और उन्होंने मान लिया कि दीप सिद्धू द्वारा बनाए गए संगठन को अब अमृतपाल देख रहा है.

अमृतपाल के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान सामने आए कुछ दस्तावेजों से पता चलता है कि ‘वारिस पंज-आब दे’ की स्थापना मोगा जिले के दुनेके गांव में अमृतपाल के करीबी सहयोगी गुरमीत सिंह बुक्कनवाला के “गुरु नानक फर्नीचर स्टोर” के पते पर की गई थी. वहीं बुक्कनवाला को हिरासत में लेकर उसपर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत आरोप लगाया गया है. फिलहाल उसे असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है.

Tags: Amritpal Singh News, Deep Siddhu, Khalistani

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