मालगाड़ियां ‘रुकने’ से पंजाब में कोयले की आपूर्ति प्रभावित, राज्य में ब्लैकआउट की आशंका

पंजाब में किसान आंदोलन की तस्वीर. (फाइल फोटो)
पंजाब में किसान आंदोलन की तस्वीर. (फाइल फोटो)

भारतीय रेलवे ने कहा कि किसानों के प्रदर्शन (Kisaan Aandolan) के कारण पंजाब में ट्रेनों (Trains in Punjab)का परिचालन नहीं हो रहा है. किसान नए कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 8:01 AM IST
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चंडीगढ़. किसानों के आंदोलन (Kisaan Aandolan) के चलते मालगाडि़यों का परिचालन स्थगित होने से पंजाब (Punjab) के ताप बिजली घरों को कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इससे राज्य के उद्योग क्षेत्र को भी झटका लगा है और उसे भारी वित्तीय नुकसान होने की आशंका बन गई है. मालगाड़ियों का परिचालन नहीं होने की वजह से राज्य के साइकिल और साइकिल कलपुर्जा, कपड़ा, हाथ के औजार, वाहन कलपुर्जा, इस्पात और मशीनी औजार क्षेत्र सभी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

बता दें किसान यूनियनों ने 21 अक्टूबर को घोषणा की थी कि ‘रेल रोको’ आंदोलन से मालगाडि़यों को बाहर रखा जाएगा. किसान केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं. पंजाब राज्य बिजली निगम (PSPCL) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 6,000 मेगावॉट की बिजली की मांग पर राज्य केंद्रीय पनबिजली और बायोमास संयंत्रों से 5,000 मेगावॉट बिजली का ही प्रबंध कर पा रहा है. इससे 1,000 मेगावॉट की बिजली की कमी पैदा हो गई.

1-2 दिन का कोयला बचा
गौरतलब है कि बठिंडा स्थित तलवंडी साबो थर्मल प्लांट 2,000 मेगावाट बिजली तैयार करता है. पटियाला के नाभा का थर्मल प्लांट 1,400 मेगावाट जबकि तीन छोटे और थर्मल प्लांट पंजाब में बिजली की आपूर्ति करते हैं. लेकिन कोयले की लगातार सप्लाई नहीं होने की वजह से अब इनके पास 1 से 2 दिन का कोयला बचा है. ऐसे में राज्य में पावर कट बढ़ने के साथ ही ब्लैक आउट का खतरा भी है. बताया गया कि 2 थर्मल प्लांट बंद हो चुके हैं और तीन प्लांटस् के पास सिर्फ 1-2 दिन का कोयला बचा है.
PSPCL फिलहाल नेशनल ग्रिड और दूसरे राज्यों से बिजली खरीद कर मांग की आपूर्ति कर रहा है लेकिन ये बिजली खरीदने के लिए राज्य को नेशनल ग्रिड और अन्य राज्यों को अग्रिम भुगतान देना होता है जो  अरबों रुपयों में होता है. बिजली निगम ने अब पंजाब सरकार से बैंकों से 300 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की परमिशन मांगी है ताकि बिजली की पूर्ति के लिए नेशनल ग्रिड और दूसरे राज्यों का भुगतान किया जा सके.



22 अक्टूबर को मालगाड़ियों का परिचालन फिर शुरू हुआ था...
किसानों के आश्वासन के बाद रेलवे ने 22 अक्टूबर को मालगाड़ियों का परिचालन फिर शुरू कर दिया था. पर कुछ किसानों द्वारा मालगाड़ियों को रोके जाने के बाद 23 अक्टूबर से इनका परिचालन फिर बंद कर दिया गया.

26 अक्टूबर को मालगाडि़यों का परिचालन 29 अक्टूबर तक स्थगित करने की घोषणा की गई. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस मामले में रेल मंत्री पीयूष गोयल से हस्तक्षेप का आग्रह किया था. इसके बाद गोयल ने पंजाब सरकार से ट्रेनों और रेलवे के कर्मचारियों की सुरक्षा का आश्वासन देने को कहा था.

10,000 कंटेनर बंदरगाहों पर फंसे
पंजाब के उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि मालगाड़ियां रुकने से आयात और निर्यात के करीब 10,000 कंटेनर बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं.

फियो के पूर्व अध्यक्ष और लुधियाना के उद्योगपति एस सी रल्हन ने कहा, ‘इन कंटेनरों में 6,000 से 7,000 करोड़ रुपये का कच्चा माल और तैयार उत्पाद फंसे हुए हैं.’ रल्हन ने कहा कि मालगाड़ियों का परिचालन रुकने से हमें पहले ही 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.





एवन साइकिल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ओंकार सिंह पाहवा ने कहा कि साइकिल उद्योग को कच्चा माल नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास जो भी कच्चा माल है, वह जल्द समाप्त हो जाएगा.’

पंजाब में रेल सेवाएं बहाल नहीं हुईं हैं : रेलवे
इसके साथ ही रेलवे ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसानों के प्रदर्शन के कारण पंजाब में ट्रेनों का परिचालन नहीं हो रहा है. किसान नए कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उत्तरी रेलवे के एक प्रवक्ता ने राज्य में ट्रेन सेवाओं के बहाल होने की अटकलों के बीच बृहस्पतिवार को कहा कि ट्रेन सेवाएं बहाल नहीं की गई हैं.

उत्तरी रेलवे के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) दीपक कुमार ने कहा , ‘ कुछ समाचार पत्रों में पंजाब में रेल सेवाएं बहाल होने की खबरें छपी हैं. एक बार फिर यह स्पष्ट किया जाता है कि यह झूठी खबर है और अभी वहां ट्रेनें अभी नहीं चल रही हैं.’

कुमार ने कहा, ‘ये समाचार पत्र 22 अक्टूबर को जारी की गई उत्तरी रेलवे की प्रेस विज्ञप्ति का हवाला दे रहे हैं, जब एक दिन के लिए मालगाड़ी का परिचालन शुरू किया गया था लेकिन अनिश्चितताओं और ट्रेन संचालन कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे बंद कर दिया गया था. यह जानकारी सभी संबंधित लोगों के लिए है.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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