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पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ की नवजोत सिद्धू को सलाह, हाईकमान तक सीधी पहुंच, पार्टी लाइन फॉलो करें

सुनील जाखड़ की तरफ से यह पत्र जमीन मुआवजे में गड़बड़ी को लेकर लिखा गया था. (फाइल फोटो)

सुनील जाखड़ की तरफ से यह पत्र जमीन मुआवजे में गड़बड़ी को लेकर लिखा गया था. (फाइल फोटो)

Punjab Congress President on Navjot Singh Siddhu: मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ नवजोत सिंह सिद्धू के बागी रुख अपनान ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है. न्यूज18 के साथ इंटरव्यू में जाखड़ ने कहा कि ‘पंजाब में बेअदबी और पुलिस फायरिंग के मामलों के दोषियों को दंडित करना कांग्रेस सरकार का ‘राजधर्म और नैतिक कर्तव्य’ है. मामले में कार्रवाई पहले ही देर से हो रही है और कल ही हो जानी चाहिए थी, आज या कल नहीं.’ न्यूज18 से फोन पर बात करते हुए जाखड़ ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी लाइन का पालन करना चाहिए और उन्हें एक आम कार्यकर्ता के मुकाबले विशेषाधिकार प्राप्त है, क्योंकि उन्हें पार्टी हाईकमान लेकर आया था और वह सीधे उनसे बात करता है.

उन्होंने कहा कि “ऐसी स्थितियों में सिद्धू की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह पार्टी के हितों का ख्याल रखते हुए उसी दायरे में रहें और पार्टी के हितों को अपनी व्यक्तिगत असहमतियों के ऊपर वरीयता दें.” बता दें कि दो दिन पहले कांग्रेस हाई कमान द्वारा गठित की गई कमेटी ने पंजाब के नेताओं से मुलाकात की थी, इन नेताओं में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हैं.

जाखड़ ने कहा कि पंजाब के लोग बेअदबी और 2015 के पुलिस फायरिंग केस में दोषियों के खिलाफ न्याय चाहते हैं. ये मुद्दा कांग्रेस पार्टी के नेताओं की चिंता बढ़ाने वाला है. हाईकोर्ट ने इस मामले में जांच पूरी करने के लिए 6 महीने का वक्त और दिया है. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “धारणा बहुत मायने रखती है. प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल मामले में अपनी संलिप्तता से भले ही इंकार करते हों, लेकिन लोग मानते हैं कि उनकी संलिप्तता थी. इस मामले का समाधान होना चाहिए. अगर इस मामले में न्याय हो गया तो बाकी चीजें अपना आकार ले लेंगी.”

जाखड़ ने स्वीकार किया कि इस मामले में पहले ही काफी देर हो चुकी है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस मामले में पहले ही कार्रवाई हो जानी चाहिए थी. आज या कल नहीं. इसमें जितनी जल्दी कार्रवाई हो उतना अच्छा. ताकि इसे हमेशा के लिए सुलझाया जा सके और दोषियों को गिरफ्तार किया जा सके. फिर कोर्ट को फैसला करने दें कि उन्हें कौन सी सजा देनी है. लेकिन, लोगों को पता है कि दोषी कौन है.”

सुनील जाखड़ ने कहा, “यह ऐसा मुद्दा है, जिस पर हमारा नैतिक कर्तव्य और राजधर्म है. हम इसे मिटने नहीं दे सकते. ये मुद्दा पंजाबियों के दिल के करीब है. यह लोगों के लिए भावनात्मक मुद्दा है. ऐसे मामलों में पहले भी पंजाब को नुकसान उठाना पड़ा है, जब लोगों को इसका फायदा उठाने दिया गया. ये हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम इसका समाधान करें. इसे तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाएं.”

जाखड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति पंजाब के लोगों से पूछे कि बेअदबी मामले में दोषी कौन है, तो ज्यादातर लोग यही कहेंगे कि प्रकाश सिंह बादल और अकाली थे, जिन्होंने डेरा सच्चा सौदा के साथ संबंध बनाए और बेअदबी की. उन्होंने कहा, “अगर आप लोगों से पूछें कि आज का जनरल डायर कौन था और पंजाब का मगरमच्छ कौन है? तो जवाब होगा कि सुखबीर सिंह बादल, जिन्होंने पुलिस फायरिंग का आदेश दिया और बिक्रम सिंह मजीठिया मगरमच्छ है.”

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ नवजोत सिंह सिद्धू के बागी रुख अपनाने के सवाल पर जाखड़ ने कहा कि पिछले चार साल से ज्यादा समय से सिद्धू पार्टी के अभिन्न अंग हैं और उन्हें पार्टी के नियमों का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा, “मेरे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मेरे विचार और विश्वास से कहीं ज्यादा पार्टी बड़ी है. मुझे इसका पालन करना ही होगा. सिद्धू को भी पार्टी लाइन का पालन करना चाहिए. उनके पास हाई कमान तक सीधी पहुंच है.”

जाखड़ ने आगे जोड़ा कि पार्टी में एकजुटता समय की मांग है. लेकिन, प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह डुल्लो जैसे लोग अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं के लिए राज्य की राजनीति में मौका ढूंढ़ रहे हैं. पार्टी और हाई कमान को इस बारे में सोचने की जरूरत है.

प्रताप सिंह बाजवा ने न्यूज18 के साथ इंटरव्यू में कहा था कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को बादल के खिलाफ एक महीने के भीतर चार्जशीट सुनिश्चित करनी चाहिए या इस्तीफा दें ताकि कोई दूसरा इस काम को कर सके.

Tags: Amarindar singh, Navjot singh sidhu, Prakash singh badal, Sukhbir singh badal, Sunil Jakhar

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