हाईकोर्ट के आदेशों के मुताबिक कोटकपूरा गोलीकांड की जांच के लिए नई SIT गठित

आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि एसआईटी सांझे तौर पर काम करेगी और इसके सभी मेंबर जांच की सारी कार्यवाही और अंतिम रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर करेंगे.  (सांकेतिक तस्वीर)

आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि एसआईटी सांझे तौर पर काम करेगी और इसके सभी मेंबर जांच की सारी कार्यवाही और अंतिम रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर करेंगे. (सांकेतिक तस्वीर)

नई गठित एसआईटी में एडीजीपी/ विजिलेंस ब्यूरो एल.के. यादव, पुलिस कमिश्नर लुधियाना राकेश अग्रवाल और डीआईजी फरीदकोट रेंज सुरजीत सिंह शामिल हैं जो कोटकपूरा गोलीबारी की घटनाओं के संबंध में दर्ज दो एफआईआर (तारीख 14 अक्टूबर 2015 और 7 अगस्त, 2018) की जांच करेंगे.

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चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट Punjab and Haryana High Court के आदेशों के अनुसार पंजाब सरकार (Punjab government)  ने नई तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (Special Investigation Team SIT) का गठन किया है. जिसमें सीनियर आईपीएस अधिकारी (Senior IPS officers) शामिल किये गए हैं. अदालत के आदेशों अनुसार टीम को कोटकपूरा गोलीबारी कांड (Kotkapura firing case) की जांच को प्राथमिक आधार पर छह महीनों में पूरा करने के लिए आदेश दिए हैं.

SIT में शामिल हैं तीन सीनियर आईपीएस अधिकारी

नई गठित एसआईटी में एडीजीपी/ विजिलेंस ब्यूरो एल.के. यादव, पुलिस कमिश्नर लुधियाना राकेश अग्रवाल और डीआईजी फरीदकोट रेंज सुरजीत सिंह शामिल हैं जो कोटकपूरा गोलीबारी की घटनाओं के संबंध में दर्ज दो एफआईआर (तारीख 14 अक्टूबर 2015 और 7 अगस्त, 2018) की जांच करेंगे. गृह विभाग के जारी किए गए आदेशों के अनुसार एसआईटी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की पूरी पालना को सुनिश्चित बनाएगी जिसमें कहा गया है कि इस जांच में कोई भी अंदरूनी या बाहरी तौर पर दखल नहीं दिया जाना चाहिए.

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कोर्ट के आदेशों के मुताबिक ऐसे काम करेगी SIT

इस आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि एसआईटी सांझे तौर पर काम करेगी और इसके सभी मेंबर जांच की सारी कार्यवाही और अंतिम रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर करेंगे. आदेश में आगे कहा गया है कि कानून मुताबिक एसआईटी जांच संबंधी राज्य की किसी भी कार्यकारी या पुलिस अथॉरिटी को रिपोर्ट नहीं करेगी और सिर्फ संबधी मैजिस्ट्रेट को ही रिपोर्ट करेगी.

एसआईटी के सदस्यों को जांच का कोई हिस्सा लीक न करने और जांच के अलग -अलग पहलुओं संबंधी मीडिया के साथ बातचीत न करने की हिदायत दी गई है. इसके अलावा एसआईटी के मेंबर चल रही जांच के बारे किसी के द्वारा प्रकट किये किसी शक या राय का सीधा या अप्रत्यक्ष तौर पर जवाब नहीं देंगे.




गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पुरानी विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अभी तक की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने पूरे मामले की दोबारा जांच के लिए नई एसआईटी बनाने के आदेश दिए थे.

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