होम /न्यूज /पंजाब /पंजाब विधानसभा में आज फिर हंगामे के आसार, विश्वास मत के खिलाफ कांग्रेस ने स्पीकर को भेजा निंदा प्रस्ताव

पंजाब विधानसभा में आज फिर हंगामे के आसार, विश्वास मत के खिलाफ कांग्रेस ने स्पीकर को भेजा निंदा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्र के पहले दिन विश्वासमत पेश किया था जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है. फाइल फोटो

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्र के पहले दिन विश्वासमत पेश किया था जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है. फाइल फोटो

Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्र के पहले दिन विश्वासमत पेश किया था. प्रस्ताव पेश करते हुए उन्होंने कहा था कि ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

कांग्रेस ने विश्वासमत के खिलाफ विधानसभा स्पीकर को भेजा निंदा प्रस्ताव
विश्वासमत का भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल कर रहे हैं विरोध
CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में भाजपा के ऑपरेशन लोटस का कांग्रेस समर्थन कर रही

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा में दूसरे दिन के सत्र के दौरान गुरुवार को भी हंगामे के आसार हैं. विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने सत्ता पक्ष द्वारा लाए गए विश्वासमत के खिलाफ विधानसभा स्पीकर को निंदा प्रस्ताव भेजा है. इसलिए दोनों पक्षों में तकरार और हंगामा होने की पूरी संभावना है. सत्र की कार्रवाई दिन में दो बजे शुरू होगी, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा लाए गए विश्वासमत पर चर्चा होनी है. विश्वासमत का भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल विरोध कर रहे हैं.

सत्र के पहले दिन जहां कांग्रेस ने सदन में हंगामा किया था, वहीं शिअद ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था. बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्र के पहले दिन विश्वासमत पेश किया था. प्रस्ताव पेश करते हुए उन्होंने कहा था कि आम आदमी पार्टी को जनता ने चुनाव में विश्वास मत दिया है, इसलिए हम इसे कानूनी तौर पर विधानसभा में पारित कराना चाहते हैं. इसमें कांग्रेस को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पंजाब में भाजपा के ऑपरेशन लोटस का कांग्रेस समर्थन कर रही है. सीएम मान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा के साथ मिली हुई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अपने विधायक कई राज्यों में बिक रहे हैं.

राज्यपाल ने विश्वासमत को बताया था गैरकानूनी
कांग्रेस इस सत्र में विश्वासमत को लाने का विरोध कर रही है. पार्टी का कहना है कि पंजाब सरकार ने 22 सितंबर को विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने की योजना बनाई थी. राज्यपाल ने शुरू में सत्र की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में कांग्रेस की शिकायत पर अपनी सहमति वापस ले ली थी.

राज्यपाल ने तर्क दिया था कि केवल एक विश्वास प्रस्ताव के लिए कानूनी रूप से सत्र नहीं बुलाया जा सकता है. इसके बाद सरकार ने 27 सितंबर को बिजली और पराली के मामले पर सत्र बुलाने का आग्रह किया था, जिस पर राज्यपाल ने अपनी सहमति जताई थी, लेकिन जब बीते मंगलवार को सत्र शुरू हुआ तो सरकार अचानक विश्वासमत ले आई.

Tags: AAP, Bhagwant Mann, BJP, Congress, Punjab news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें